गठन का दिया आदेश
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में शनिवार को एक 11 मंजिला अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग गिर गई. जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने उपनगर पोरूर के निकट हुए बिल्डिंग हादसे की जांच के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर रघुपति की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग के गठन का आज आदेश दिया. जयललिता ने अपने बयान में कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 55 लोग मारे गए. सीएम ने कहा कि 27 लोगों को इमारत के मलबे से निकाला गया और उन्हें बेहतर मैडिकल फेसलिटीज दी जा रही है.

नहीं पता चल पाई वजह

वहीं इसस पहले मलबे में कई मजदूरों के फंसे होने की आंशका भी जताई जा रही थी. ये हादसा शनिवार देर रात हुआ था. जिसपर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे. मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हादसे के टाइम बिल्डिंग में करीब 50 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे जिसमें 26 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है. वहीं बिल्डिंग के गिरने की वजह का पता अभी नहीं चल पाया है. पुलिस ने दो लोगों को लापरवाही के आरोप में हिरासत में लिया था.
चेन्नई बिल्डिंग हादसा: मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 55
हादसे के पीछे बिजली-पानी

ये हादसा चेन्नई के बाहरी इलाके मंगाडु में हुआ था. वहीं मुख्यमंत्री जयललिता ने हादसे पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि उनके निर्देश पर एनडीआरएफ दलों को पड़ोसी अरक्कोणम से रवाना किया गया था. बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन का काम कर रही कंपनी प्राइम सृष्टि का दावा है कि आसमानी बिजली और भारी बारिश की वजह से ये हादसा हुआ था. लेकिन अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया कि हादसे के पीछे कहीं बारिश तो वजह नहीं, तो उन्होंने इस बात से साफ इन्कार कर दिया था. उनका कहना था कि जांच के बाद ही हादसे की सही वजह का पता चल सकेगा.

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