क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ :सूर्य उपासना के महापर्व छठ में राजधानी रांची में खरना का प्रसाद बनाने के लिए लगभग 7 लाख 40 हजार लीटर दूध का खीर बनने का अनुमान लगाया जा रहा है. निजी खटालों और पशुपालकों के यहां दूध की बुकिंग पहले ही हो चुकी है. खरना पूजा के प्रसाद खीर के लिए गाय के दूध की मांग सबसे ज्यादा हैं. खटालों में दूध 50 से 60 रुपए प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है, जबकि डेयरी दूध 42 से 50 रुपए प्रति लीटर काउंटर पर उपलब्ध है.

खटालों में एडवांस बुकिंग

शहर के कई खटालों में खरना के दिन के लिए दूध की एडवांस बुकिंग हो चुकी है. साथ ही खटाल के मालिक भी नियमित दूध लेने वालों को अलर्ट कर चुके हैं कि खरना के दिन छठव्रतियों के लिए दूध दिया जाएगा. हरमू विद्यानगर के रमेश गोप ने कहा कि करीब 80 किलो दूध की बु़किंग पहले ही हो चुकी है. इसके साथ ही विद्यानगर, इरगू टोली, नागाबाबा खटाल का भी कमोबेश यही हाल है.

मेधा बेचेगा 5 लाख लीटर दूध

मेधा डेयरी के असिस्टेंट डायरेक्टर मुकुल प्रसाद सिंह ने बताया कि लोक आस्था के पर्व छठ में दूध की किल्लत न हो इसकी तैयारी कर ली गई है. उन्होंने कहा कि मेधा डेयरी ने दो दिनों में पांच लाख लीटर दूध बेचने का लक्ष्य रखा है और उसी के अनुरूप तैयारी कर ली गई है. असिस्टेंट डायरेक्टर के अनुसार रांची में मेधा में कुल 65 मिल्क बूथ हैं, जबकि 500 से ज्यादा रिटेलर हैं.

खरना के दिन स्टॉक रखते हैं दूध

शहर के कोकर बाजार स्थित सुधा डेयरी काउंटर के संचालक आदित्य विजयवर्गीय की मानें तो छठ पर्व के दौरान अधिक दूध का स्टॉक काउंटर में रखना पड़ता है. उन्होंने बताया कि सुधा डेयरी के लिए एक हजार लीटर दूध की एडवांस बुकिंग कर दी गई है जबकि अमूमन 400 से 500 लीटर की दूध की खपत काउंटर से होती है. उन्होंने कहा आम दिन के मुकाबले छठ के दौरान दूध की खपत दोगुनी हो जाती है. वहीं दूध की किल्लत होने पर डेयरी से व्यवस्था की जाती है.

रांची में औसत दूध की खपत

प्रतिदिन खपत:- 2.50 लाख लीटर

खरना में: 5.50 लाख लीटर

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रांची डेयरी:-1.10 लाख लीटर

खरना में:- 2.5 लाख लीटर

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मेधा डेयरी: 80 हजार लीटर

खरना में:- 2 लाख लीटर

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अन्य डेयरी व खटाल: 50 हजार लीटर

खरना में:- 60 हजार लिटर