एक्सीड, संदेश अकादमी एकेडमी में मानक के अनुरूप नहीं मिले आग से निबटने के उपकरण

PRAYAGRAJ: शहर की अधिकांश कोचिंग में आग लगने पर सुरक्षा के इंतजाम शून्य हैं। ज्यादातर में हॉल में वाटर पाइप तो दूर एक भी फायर इंस्टीग्यूशर तक नहीं हैं। इंट्रेंस और एग्जिट प्वाइंट भी एक ही है। कोचिंग में आग से सुरक्षा को लेकर दैनिक जागरण आईनेक्स्ट द्वारा चलाये गये अभियान पर चीफ फायर ऑफिसर खुद अफसर सक्रिय हो गये। वे खुद चेकिंग के लिए पहुंचे और चेकिंग में मानकों की अनदेखी मिलने पर कोचिंग संचालकों को नोटिस पकड़ा दी।

एक भी उपकरण नहीं मिला

टीम के साथ चीफ फॉयर ऑफिसर सबसे पहले जार्जटाउन स्थित एक्सीड कोचिंग पहुंचे। सीएफओ ने कोचिंग के रजिस्ट्रेशन का डीआईओएस द्वारा जारी डाक्यूमेंट मांगा को स्पॉट पर उसे प्रस्तुत नहीं किया गया। कोचिंग के हॉल तीन फ्लोर तक स्थित हैं। ग्राउंड फ्लोर में करीब 120, प्रथम फ्लोर पर 450 व सेकंड फ्लोर पर करीब 150 बच्चों के बैठने की व्यवस्था है। सभी हॉल तक जाने के लिए मात्र एक सीढ़ी ही प्रवेश और निकास का रास्ता है। सीढ़ी इतनी सकरी है कि एक साथ चार बच्चे न उतर सकते हैं और न ही चढ़ सकते हैं। भगवान न करें यहां सूरत जैसा कोई हादसा हुआ तो सैकड़ों जान दांव पर होंगी।

लग जाए आग तो बचना मुश्किल

संदेश अकादमी की स्थिति और भी बदतर मिली। अकादमी चार मंजिला बिल्डिंग में संचालित है। यहां चेकिंग में पता चला कि डेढ़ से दो हजार बच्चों के बैठने की व्यवस्था है। ढाई सौ बच्चे क्लास रूम में थे। क्लास हॉल तक जाने के लिए एक मात्र साधारण सीढ़ी ही थी। यहां वाटर पाइप, फायर इंस्टीग्यूशर, स्मोक डिटेक्टर जैसी सुविधाएं नदारत थी। सीढि़यां भी मानक के अनुरूप नहीं थीं। डीआईओएस द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन कार्ड भी कोचिंग संचालक सीएफओ को नहीं दिखा सके। इसी से मिलता-जुलता हाल अन्य कोचिंग संस्थानों का भी रहा।

आधा दर्जन कोचिंग के अंदर अग्निशमन के इंतजाम की चेकिंग की गई। एक भी कोचिंग में आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं मिले। सभी को अविलंब सुरक्षा इंतजाम कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट डीएम, एसएसपी व डीआईओएस को भी भेजी जाएगी।

आरएस मिश्र,

चीफ फॉयर ऑफिसर