Bareilly: सीजेएम के सरकारी आवास में घुसकर जानलेवा हमला करने, बेटे के अपहरण की कोशिश और लूट का मामला सामने आया है. सभी आरोप महिला इंस्पेक्टर और लेडी कांस्टेबल पर लगे हैं. पुलिस ने अधिकारियों के निर्देश के बाद दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. एसीजेएम थर्ड की कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की जूडिशियल कस्टडी में भेजने का आदेश दिया. हालांकि तबीयत खराब होने के चलते दोनों को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है. पुलिस की शुरुआती जांच में डेढ़ लाख रुपए के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ है.

जबरन घर में घुसीं दोनों

सीजेएम कुसुम लता राठौर ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है कि 11 अक्टूबर की शाम पौने 6 बजे कोर्ट से अपने सरकारी आवास जे 9 जजेज कालोनी पहुंची तो महिला इंस्पेक्टर अनुपम सिंह और कांस्टेबल लता शर्मा कार से पहुंची और उनके घर का दरवाजा जबरदस्ती खुलवाकर घुस गई. दोनों ने मिलकर उनके साथ हाथापाई की और उनके गले में पड़ी चेन तोड़ने की कोशिश की. यही नहीं उनके घर में काम करने वाली जया के साथ मारपीट की और उसके परिजनों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. आरोप है कि दोनों ने उन्हें व उनके पिता को घर में बंधक बना लिया. उनके पिता के 5 वर्षीय दत्तक पुत्र कुशाग्र राठौर को जबरन उठाकर ले गईं. उन्होंने किसी तरह से कोतवाली पुलिस को सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया और कुशाग्र को छुड़ाया. शोर सुनकर कॉलोनी में न्यायिक अधिकारी सुशील कुमार, कल्पराज मिश्र, अनुपम दीक्षित, मयूर जैन व अन्य भी आ गए.

इंस्पेक्टर बोलीं पारिवारिक झगड़ा

महिला थाना में मौजूद महिला इंस्पेक्टर अनुपम व कांस्टेबल लता ने बताया कि अनुपम सिंह का सीजेएम से करीब 25 वर्ष पुराना रिश्ता है. वह लखनऊ में आशियाना में रहती हैं. वह सीजेएम के साथ पढ़ी हैं. उन्होंने ही कुशाग्र को गोद दिलाया था. वह जब पीलीभीत में महिला थाना की इंस्पेक्टर थीं, तो सीजेएम उनसे मिलने पहुंची थीं. उन्होंने पुलिस को कुछ फोटोग्राफ भी दिखाए. उनका पीलीभीत से लखनऊ जोन में ट्रांसफर हुआ, लेकिन बाद में फैजाबाद में ट्रांसफर हुआ. वह अभी ज्वाइनिंग लीव पर थीं. उनका कहना है कि वह तो सीजेएम के घर मिलने गई थीं, लेकिन उसके बाद क्या हुआ वह खुद नहीं समझ पा रही हैं. हालांकि उनका कुछ दिनों से पारिवारिक मनमुटाव चल रहा है लेकिन उन्होंने मनमुटाव की असली वजह बताने से इनकार कर दिया.

नहीं कर पायी पुलिस मदद

मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते पुलिस अपने ही विभाग के कर्मचारियों की पूरी मदद नहीं कर सकी. हालांकि जितना हो सका उतना किया गया. सीजेएम की तहरीर पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी. उसके बाद उनकी अरेस्टिंग की. इंस्पेक्टर को कोर्ट में पेश होने से पहले ही बीमार हो गई और उन्हें जिला अस्पताल में एडमिट करा दिया गया और कांस्टेबल लता कोर्ट में बेहोश हो गई तो उसे भी हॉस्पिटल में एडमिट करा दिया गया. कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की जुडिशियल कस्टडी रिमांड पर रखने का आदेश दिया है.

सीजेएम की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. दोनों को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया गया. स्वास्थ्य खराब होने के चलते हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है.

रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी