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LUCKNOW : देवरिया में बालिका गृह की संवासिनियों से देह व्यापार कराने के सनसनीखेज खुलासे से हरकत में आई प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। मंगलवार रात आनन-फानन बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी घोषणा की। इसके साथ ही साक्ष्य संकलन के लिये एडीजी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी के गठन का भी निर्णय लिया गया है। जिसका एसटीएफ सहयोग करेगी। वहीं घटना के सामने आने के बाद हटाए गए देवरिया के डीएम सुजीत कुमार को चार्जशीट किया गया है।

पुलिस भूमिका की होगी जांच

एनेक्सी मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एसआईटी में एडीजी क्राइम के अलावा दो महिला अधिकारी एसपी ईओडब्लू व एसपी पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, मेरठ शामिल होंगी। सीएम ने कहा कि 31 जुलाई को एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई करने में देवरिया पुलिस ने देरी की। जिसे देखते हुए एडीजी गोरखपुर जोन दावा शेरपा को पुलिस की भूमिका की जांच सौंपी गई है। सीएम ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है, इसमें दूध का दूध-पानी का पानी होना बेहद जरूरी है, इसलिए पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये सिफारिश केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जा रही है। डीएम देवरिया एक साल में संस्था के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं कर सके जबकि स्थानीय पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे मे रही। वहां से मिले बच्चों को वाराणसी में सरकारी संरक्षण गृह में सुरक्षित तरीके से शिफ्ट किया गया है।

पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा
सीएम योगी ने कहा कि आरोपी संस्था को पूर्व की सपा-बसपा की सरकारों ने उदारतापूर्वक अनुदान दिया गया। उन्होंने कहा कि इन बाल गृहों की निगरानी के लिये गठित होने वाली चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को भी पिछली सरकार ने गठित किया था। इसमें पूर्व सरकार ने अपने मनपसंद लोगों को नियुक्त किया था। कमेटी का काम प्रति माह बाल गृहों में मीटिंग कर सरकार को रिपोर्ट सौंपना होता है, लेकिन कमेटी ने अपना काम नहीं किया। हम इसे भी हटाने जा रहे हैं।  

- 2009 से संस्था को मिली मान्यता, कई योजनाओं की मिली ग्रांट और काम
- 2017 में संस्था की सारी मान्यताएं खत्म कर बंद करने का दिया आदेश
- 31 जुलाई को संस्था के खिलाफ देवरिया कोतवाली में एफआईआर दर्ज
- 5 अगस्त को एक बच्ची ने भागकर महिला थाने में की शिकायत, तीन गिरफ्तार
- 6 अगस्त को मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, डीएम नपे, हाईलेवल जांच शुरू
- 7 अगस्त को मामले की सीबीआई जांच का ऐलान, एसआईटी भी गठित
- 15 बार जिला प्रशासन ने संस्था को बंद करने के लिए भेजा था नोटिस

ये रहा पूरा घटनाक्रम

- सुबह जांच समिति की सदस्य अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार और एडीजी महिला सुरक्षा अंजू गुप्ता ने सौंपी रिपोर्ट
- 9 बजे देवरिया पुलिस ने अधीक्षिका कनकलता समेत पांच अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया
- 11 बजे मंत्री रीता जोशी ने बुलाई प्रेस कांफ्रेंस, लड़कियों का शारीरिक शोषण होने के आरोपों की पुष्टि की
- 12 बजे कैबिनेट के सामने मंत्री रीता जोशी ने मुख्यमंत्री और बाकियों मंत्रियों को जांच की प्रगति से अवगत कराया
- 7 बजे शाम को मुख्यमंत्री ने मंत्री और अधिकारियों को तलब किया
- 9.30 बजे रात मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी

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