- फीस बढ़ाने के लिए पैरेंट्स की सहमति और शिक्षा विभाग की मंजूरी जरूरी

- बाल संरक्षण आयोग ने दिया आदेश, न मानने पर रजिस्ट्रेशन होगा कैंसिल

- मनमानी फीस लेने को आयोग ने बताया अवैध वसूली

देहरादून,

निजी स्कूलों की मनमानी पर बाल संरक्षण आयोग ने शिकंजा कस दिया है. आयोग ने निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने को अवैध वसूली करार दिया है, साथ ही आदेश दिया कि किसी भी निजी स्कूल द्वारा फीस बढ़ाने से पहले स्टूडेंट्स के पैरेंट्स के साथ मशवरा करना जरूरी होगा. पैरेंट्स की सहमति के बाद प्रपोजल शिक्षा विभाग की अनुमति के लिए भेजा जाएगा. विभाग द्वारा प्रपोजल पर अंतिम मंजूरी दी जाएगी, इसके बाद ही स्कूल मैनेजमेंट बढ़ी हुई फीस लागू कर पाएगा.

6 स्कूलों की मनमानी पर आदेश

नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स द्वारा निजी स्कूलों द्वारा फीस की मनमानी बढ़ोत्तरी किए जाने को लेकर एक के बाद एक 6 शिकायतें कीं. आयोग द्वारा पिछले कई दिनों से इन मामलों की सुनवाई की जा रही है. लगातार शिकायतों के बाद आयोग ने फीस बढ़ाने को लेकर पैरेंट्स की सलाह और शिक्षा विभाग की मंजूरी का आदेश जारी किया है.

स्कूल कर रहे अवैध वसूली

2 निजी स्कूलों के खिलाफ कम्प्लेन पर सुनवाई करते हुए आयोग द्वारा टिप्पणी की गई कि स्कूलों द्वारा बच्चों से अवैध वसूली की जा रही है. इस मनमानी पर सख्त रवैया अपनाते हुए आयोग ने दोनों स्कूलों को तत्काल बढ़ी हुई फीस वापस लेने के आदेश दिए.

आदेश नहीं माना तो रजिस्ट्रेशन कैंसिल

बाल आयोग ने अपने आदेश में साफ चेतावनी भी दी है कि फीस बढ़ाने की प्रक्रिया अगर पैरेंट्स की सहमति और शिक्षा विभाग की मंजूरी के बिना लिया गया और बच्चों से मनमानी फीस वसूल की गई तो ऐसे स्कूलों का रजिस्ट्रेशन तत्काल कैंसिल करा दिया जाएगा और स्कूलों को आयकर विभाग की ओर से जारी आयकर मुक्ति प्रमाण पत्र भी निरस्त करा दिया जाएगा.

पैरेंट्स को राहत की उम्मीद

बाल आयोग द्वारा निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्ती से पैरेंट्स को राहत की उम्मीद है. पैरेंट्स एसोसिएशन ने इस आदेश का स्वागत किया है और जल्द से जल्द इसे स्कूलों पर लागू कराने की मांग की है. पैरेंट्स का कहना है कि महंगाई के इस दौर में बच्चों की फीस मैनेज करने में काफी दिक्कतें हो रही हैं और स्कूलों द्वारा लगातार फीस बढ़ाई जा रही है.

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शिक्षा विभाग भी कई बार पीटीए के गठन और पैरेंट्स की सहमति लेने के निर्देश दे चुका है. लेकिन, स्कूल मनमानी से बाज नहीं आ रहे. आयोग के आदेश का हम स्वागत करते हैं.

आरिफ खान, अध्यक्ष, पैरेंट्स एसोसिएशन

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निजी स्कूलों में फीस वृद्वि को लेकर फीस एक्ट लागू होना है. आयोग के आदेश का पालन होना चाहिए. विभाग अपने स्तर से इसकी पूरी मॉनिटरिंग कर रहा है.

एसबी जोशी, सीईओ

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आयोग के आदेश का पालन किया जाएगा, लेकिन निजी स्कूलों द्वारा फीस में जो भी इजाफा किया जाता है, वह नियमानुसार ही किया जाता है.

डीएस मान, उपाध्यक्ष, पीपीएसए