फ्लैग= मंत्री की हिदायत का डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में नहीं हुआ असर

-बच्ची को तुंरत चढ़ाना था ब्लड, लेकिन एक दिन बाद चढ़ाया

-बच्ची की मौत होने के आधा घंटा बाद पहुंचे डॉक्टर

BAREILLY :

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के दौरे को 24 घंटे भी नहीं बीते कि डॉक्टर्स की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली. डॉक्टर्स ने उसे सैटरडे को ब्लड नहीं चढ़ाया. संडे को ब्लड चढ़ाना शुरू किया तब तक काफी देरी हो चुकी थी. हालत बिगड़ने पर परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया, लेकिन वह नहीं आए. आखिरकार मासूम ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने हंगामा किया तो आधा घंटा बाद डॉक्टर पहुंचे और मासूम को मृत घोषित कर दिया. बेटी की मौत से खफा परिजनों डॉक्टर्स की लापरवाही पर बिफर पड़े थे, लेकिन लोगों ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया. जिसके बाद परिजन मासूम के शव को लेकर चले गए.

30 अगस्त को कराया एडमिट

शहर के बदायूं रोड करगैना निवासी जगन्नाथ ने बताया कि उसने अपनी 11 वर्षीय बेटी खुशी को 30 अगस्त के लिए हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट कराया था. वह डायरिया से पीडि़त थी, जहां से उसे बच्चा वार्ड में भेज दिया गया. वहां पर इलाज करने वाले डॉक्टर 1 सितम्बर को समझ पाए कि बीमारी क्या है. डॉक्टर ने बताया कि मासूम का हीमोग्लोबिन लेवल 4 ग्राम है. तुरंत ब्लड चढ़ाना होगा. परिजन ब्लड लेकर स्टाफ के पास गए तो उन्होंने बताया कि 2 सितम्बर को डॉक्टर के आने के पर ब्लड चढ़ाया जाएगा. जिसके बाद परिजन ब्लड बैंक में ब्लड रख आए. सुबह को मासूम की हालत और बिगड़ी तो राउंड पर पहुंचे डॉक्टर ने उसे ब्लड चढ़ाना शुरू किया और उसे ऑक्सीजन भी लगाई, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ.

आधा घंटा बाद पहुंचे डॉक्टर

मासूम खुशी की हालत बिगड़ी तो परिजनों ने स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाई, जिस पर स्टॉफ ने बताया कि डॉक्टर को कॉल की है. लेकिन डॉक्टर आधा घंटा तक नहीं पहुंचे और मासूम ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. डॉ. एसके सागर पहुंचे तो उन्होंने मासूम को देखा तो मृत घोषित कर दिया. मासूम के पिता जगन्नाथ ने बताया कि खुशी बड़ी बेटी छाया से छोटी थी. जबकि उनके दो बेटे विमल और टीटू हैं. खुशी कक्षा 5 की पं. दीनदयाल उपाध्याय स्कूल की छात्रा थी. वहीं मरीजों ने बताया कि सैटरडे को एक मासूम की हालत बिगड़ी डॉक्टर बुलाने पर नहीं आए तो वह निजी हॉस्पिटल ले गए, लेकिन उसकी भी मौत हो गई.

मंत्री ने जेल भेजने की दी थी हिदायत

ज्ञात हो वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने सीएमएस केएस गुप्ता और महिला हॉस्पिटल की सीएमएस को अव्यवस्थाओं को देख सुधरने के लिए कहते हुए जेल भेजने तक ही हिदायत दी थी, लेकिन इसका अफसरों पर कोई फर्क नहीं पड़ा. संडे को भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं.इसी लापरवाही के चलते डॉक्टर्स ने हॉस्पिटल में 30 अगस्त से एडमिट एक मासूम की लापरवाही के चलते जान ले ली.

गोद में उठाने पड़ रहे मरीज

हॉस्पिटल में कई खामियों पर वित्त मंत्री ने सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई. इसके बाद भी हॉस्पिटल आने वाले मरीजों को इमरजेंसी में स्ट्रेचर नहीं मिल रहे थे. संजय नगर में दो महिलाओं की घर में घुसकर पिटाई कर दी गई थी, जिससे एक महिला की हालत सीरियस होने पर परिजन उसे ऑटो से लेकर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल इमरजेंसी में पहुंचे, लेकिन वहां पर उन्हें अपने मरीज को गोद में उठाकर ले जाना पड़ा. वहीं उनके बाद एक अन्य महिला मरीज भी आया उसे भी परिजन गोद में उठाकर ले गए.

एक बेड पर भी मिले दो मरीज

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में संडे को भी एक बेड पर दो मरीज लेटे हुए थे. मरीजों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मंत्री से शिकायत भी की थी. इसके बाद डॉक्टर्स ने कहा कि अलग बेड मिल जाएगा, लेकिन मंत्री के जाने के बाद कोई सुनने वाला नहीं है.

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मासूम खुशी में हीमोग्लबिन कम बची थी, उसकी एनीमिया से मौत हुई है. उसका इलाज डॉ. एसके सागर कर रहे थे. इलाज में लापरवाही की बात गलत है. इलाज चल रहा था और जांचें भी कराई गई थी.

डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस