-श्रम विभाग बाल श्रम कराने वाले संस्थान ओनर के खिलाफ दर्ज कराएगा एफआईआर

-एएचटीयू और चाइल्ड लाइन के साथ श्रम विभाग ने जंक्शन, पुराना रोडवेज और हिन्द मार्केट में किया रेस्क्यू

>BAREILLY :

रेस्क्यू अभियान के तहत 28 जून और 3 जुलाई को पकड़े 14 बाल श्रमिक सभी नाबालिग निकले. जिसमें से 10 बाल श्रमिक जंक्शन के पास होटल, हिन्द मार्केट और पटेल चौक के संस्थान पर काम करते हुए मिले थे. जबकि 4 बाल श्रमिक रेस्क्यू टीम ने 28 जून को फरीदपुर में एक शॉप से पकड़े थे. टीम ने सभी बाल श्रमिकों को सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) में पेश करने के बाद मेडिकल कराया था. श्रम प्रवर्तन अधिकारी महीप सिंह ने बताया कि बाल श्रमिकों की मेडिकल रिपोर्ट मिल गई है अब सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. जबकि बच्चों को उनके मां-बाप को सौंप दिया है उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम ि1कया जाएगा.

अब नहीं कराएंगे बाल श्रम

परिजनों को जब सूचना मिली तो वह सुबह ही बच्चों को लेने के लिए कोर्ट पहुंच गए. सभी बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मजिस्ट्रेट डीएन शर्मा, सदस्य डीबी शुक्ला और रामप्रवेश शर्मा ने बच्चों के पेरेंट्स को हिदायत दी कि वह दोबारा बाल श्रम न कराएं. जिसके बाद उन्होंने कहना कि वह अब बच्चों को बाल श्रम नहीं कराएंगे और स्कूल पढ़ने भेजेंगे. उसके बाद परिजनों के साथ बच्चों को भेज दिया गया.

जुर्माना और सजा का है प्रावधान

बाल श्रम कराने वाले के खिलाफ श्रम विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई जाती है. जिसके तहत बाल श्रम कराने वाले को प्रति बाल श्रमिक 50 हजार रुपए जुर्माना भरना पड़ता है. जुर्माना नहीं भरने पर सजा का भी प्रावधान है.

बाल श्रम कराने वाले बरेली के संस्थान

-लक्ष्मी हिन्दू होटल

-एमके इलेक्ट्रॉनिक्स

-बॉबी इलेक्ट्रॉनिक्स

-आभा पेंट

-अमर पेंट

-मनोज ब्रदर्स

-रामा पंजाबी होटल

-गुरु पंजाबी होटल

-इन्द्र मार्केट होटल

-बरेली फोटो गुड्स

बच्चे हमारे देश का भविष्य है, इसीलिए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना चाहिए. सभी संस्थान ओनर को चाहिए कि वह बाल श्रम न कराएं और न करने दे. मां-बाप को चाहिए कि बच्चों से काम न कराएं.

डॉ. डीएन शर्मा, मजिस्ट्रेट सीडब्ल्यूसी