छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: बुधवार को प्लान इंडिया व नव भारत जागृति केंद्र की ओर से साकची स्थित एक होटल में 'संभव कार्यक्रम' आयोजित किया गया. यूनिसेफ व जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष बुलू रानी सिंह, उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह व पंचायत राज पदाधिकारी डॉ. रजनीकांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया. वक्ताओं ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले में होने वाले बाल विवाह के आंकड़े डराने वाले हैं. यहां 26.1 फीसद बाल विवाह होते हैं. कम उम्र में शादी का सीधा-सीधा असर इन शादियों से होने वाले बच्चों पर पड़ता. चूंकि शादियां उम्र से पहले हो जाती हैं, इसलिए इनके बच्चों में कुपोषण की आशंका भी ज्यादा रहती है.

फैलाएंगे जागरूकता

कार्यक्रम में बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया. इसमें पंचायत जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चत करने का आग्रह किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ही बाल विवाह में 20 फीसद की कमी लाना है. इसके अलावा उच्च शिक्षा में 20 फीसद की वृद्धि का भी लक्ष्य है.

इस दौरान यूनिसेफ के राज्य समन्वयक राहुल कुमार ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी. इस अवसर पर बहरागोड़ा के शास्त्री हेम्ब्रम, मुसाबनी के जिला परिषद सुभाष सरदार, संजीव सरदार, सन्नी टोप्पो, जगन्नाथ महतो, सुदिप्तो दे, सपन कुमार महतो, एलिस मरांडी, धर्मराज किशोर सहित अन्य लोग उपस्थित थे.