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RANCHI:  रांची निर्मल हृदय से बच्चा बिक्री मामले की जांच कर रही बाल संरक्षण आयोग की टीम ने धनबाद के शेल्टर होम में एक बच्चा कम पाया था. मामले में मिशनरीज ऑफ चैरिटी निर्मल हृदय की प्रभारी सिस्टर ने कहा था कि बच्चा उसके गार्जियन ले गए हैं. लेकिन, जब बाल संरक्षण आयोग ने इसकी जानकारी ली तो पता चला कि उक्त बच्चा धनबाद से निर्मल हृदय के रांची हिनू स्थित शिशु भवन भेजा गया है. ऐसे में रजिस्टर में अंकित बच्चा के गायब होने के इस मामले की जांच भी अब जांच होगी.

जांच में मिला था कम बच्चा
मामले की गंभीरता को समझते हुए आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने एक जांच टीम गठित की है, जो यह पता लगा रही है कि वास्तव में बच्चा रांची बालगृह को दिया गया है या नहीं. गौरतलब हो कि बाल संरक्षण आयोग की टीम धनबाद के मिशनरीज ऑफ चैरिटी की जांच में एक बच्चा कम पाया था. मामले में आरती कुजूर ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी के विरुद्ध कार्रवाई की भी बात कही थी.

संस्था में 18 दिव्यांग बच्चे, 14 लड़कियां
दरअसल, आयोग की टीम ने गुरुवार को धनबाद में बच्चों के लिए काम करने और उन्हें शेल्टर देने वाली तमाम संस्थाओं की जांच की. इस सिलसिले में बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर और उनकी चार सदस्यीय टीम हवाई पट्टी स्थित मिशन ऑफ चैरिटी पहुंची. वर्ष 2011-12 के रजिस्टर जांच में एक बच्चा गायब मिला. टीम संस्था के हर वार्ड में जाकर बच्चों से मिली और उनका हालचाल लिया. संस्था में फिलहाल 18 दिव्यांग बच्चे हैं, जिनमें से 14 लड़कियां हैं.