क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: गुरुवार को ट्रैफिक डीएसपी रंजीत लकड़ा और दीया सेवा संस्था की पहल से पांच बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचा लिया गया. जबकि चार बच्चों की तलाश रांची में की जा रही है. ट्रैफिकर इन बच्चों को रांची में उतार कर पांच बच्चों को तमाड़ की ओर ले जा रहे थे. हालांकि, ट्रैफिक डीएसपी रंजीत लकड़ा ने इनोवा को जब्त कर सदर थाना पुलिस के हवाले किया था, लेकिन सदर पुलिस ने बगैर जांच किए ही उनलोगों को छोड़ दिया. इसके बाद ट्रैफिक डीएसपी ने जांच के लिए सदर पुलिस से अनुरोध किया था. जानकारी के मुताबिक, सारे बच्चे हजारीबाग और चतरा के रहनेवाले हैं. कोतवाली थाना के एएचटीयू में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पांच लड़कों को बालाश्रय में भेज दिया गया है. वहीं ट्रैफिकर देबू व चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है.

जमशेदपुर ले जा रहे थे बच्चों को

बताया जाता है कि इन बच्चों को इनोवा गाड़ी से जमशेदपुर ले जाया जा रहा था. जमशेदपुर जाने के बाद उन बच्चों को कहां जाना था, इस संबंध ड्राइवर ने अनभिज्ञता जताई है. पुलिस उन लोगों से पूछताछ कर रही है. इनोवा में नौ बच्चे थे, जिनमें से चार को रांची में ही उतार दिया गया है.

जिस पुलिस ने छोड़ा उसी ने दोबारा पकड़ा

ट्रैफिक डीएसपी बूटी मोड़ में वाहन चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान उधर से एक इनोवा गाड़ी गुजरी. गाड़ी गुजर जाने के बाद ट्रैफिक डीएसपी को कुछ संदेह हुआ. इस पर उन्होंने सदर थाना पुलिस को जांच के लिए भेज कहा पर सदर पुलिस को इनोवा चालक ने गलत जानकारी दी और वहां से छूट गया. इस पर पुलिस ने उनलोगों को छोड़ दिया. लेकिन जब डीएसपी को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने सदर थानेदार से बात की. इसके बाद सदर इंस्पेक्टर दयानंद कुमार खुद पुलिस बल के साथ ट्रैफिकर की खोज में जा निकले. इसके बाद उनलोगों को बरामद कर लिया गया.