शिक्षिका की बेटी की शादी से हुआ बैग गायब

दो लाख रुपये, सोने की अंगूठियां आदि सामान पार

आगरा. वेडिंग सीजन आते ही चोर भी सक्रिय हो जाते हैं. चोरों की टोली पूरी तैयारी के साथ एंट्री करती है. दो दिन में चोरों ने दो शादियों में हाथ साफ कर दिए. पहले तेल कारोबारी के यहां पर अब शिक्षिका की बेटी की शादी से बैग पार कर दिया. इन वारदातों के पीछे बच्चा गैंग होने की संभावना बन रही है.

सितारा होटल में हो रही थी शादी

कूचा राम, गंगा प्रसाद, कल्याणी देवी, इलाहाबाद निवासी गीता पांडेय पत्‍‌नी ब्रजेश कुमार पांडेय इलाहाबाद के जसरा में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हिंदी की प्रवक्ता हैं. इनकी बेटी वेदिका की शादी दयालबाग में हुई है. शनिवार को फतेहाबाद स्थित एक सितारा होटल में शादी का कार्यक्रम था.

रात में हो गया बैग गायब

रात को एक बजे के टाइम पर बैग शिक्षिका के हाथ में था. किसी काम के चलते उन्होने बैग चेयर पर रख दिया. पांच मिनट बाद चेयर पर बैग उठाने गई तो बैग गायब मिला. बैग गायब होते ही समारोह में अफरा-तफरी मच गई. होटल में कई स्थानों पर देखा गया लेकिन बैग नहीं मिला.

फुटेज में बच्चा बैग ले जाता मिला

सूचना पर थाना ताजगंज पुलिस पहुंच गई. पुलिस ने फुटेज चेक की तो एक 15-16 वर्षीय किशोर बैग ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है. वह कोट पहने हुआ था. शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया है. पुलिस फुटेज के आधार पर चोर की तलाश में जुटी है. पीडि़त के मुताबिक उन्हें होटल स्टाफ पर शक है.

नए कपड़े पहनकर होते हैं शामिल

दरअसल, शादी समारोह में चोरी करने वाले बच्चा गैंग में चोरी की पूरी प्लानिंग की जाती है. गैंग के लोग भीड़ में नए कपड़े पहनकर घुसते हैं. भीड़ में उन्हें कोई पहचान नहीं पाता. बच्चों के अलावा महिलाएं भी समारोह में ही घूमती रहती हैं.

सामान पर होती है नजर

इन लोगों की सामान पर नजर बनी रहती है. गैंग उस व्यक्ति को टारगेट करता है जिसके हाथ में नोटो और फिफाफे वाला बैग होता है. एक किशोर उसके आगे पीछे ही रहता है. इशारों में सारे काम होते हैं. मैरिजहोम में अलग-अलग स्थान पर गैंग के सदस्य खड़े होते हैं. कुछ लोग भीड़ में शामिल रहते हैं.

नजर हटते ही गायब होता सामान

गैंग बस इस इंतजार में होता है कि किसी तरह हाथ में लगा सामान नीचे रख दिया जाए. अधिकतर सामान आधी रात में ही पार होता है. चूंकि उस दौरान थकान और नींद होती है. लोग थके हुए कहीं न कहीं बैठ जाते हैं या फिर काम निपटाने के लिए सामान कहीं रख देते हैं. शातिर ऐसे मौके को ताड़ लेते हैं. नजर हटते ही सामान गायब कर देते हैं.