-माधोबाड़ी मंदिर में बाबा चित्र विचित्र कथा सुन श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

बरेली: प्रत्येक जीव के जीवन में कठिनाइयां आती हैं, लेकिन जीवन में कठिनाइयों से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। यह बात माधोबाड़ी मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा में वृंदावन से आए बाबा चित्र विचित्र ने कही। उन्होंने कहा कि यह तो जीव की परीक्षा है, जो ईश्वर भक्त के हित में समय-समय पर लेते हैं। किंतु सच्चा भक्त वही है, जो परमपिता परमात्मा के द्वारा दिए जाने वाले सुख-दुख को ईश्वर का प्रसाद समझकर ग्रहण कर लेते हैं। वहीं कथा के दौरान श्रद्धालु कहीं खोटा ना रह जाऊं, तपाकर देखते रहना, मुसीबत की कसौटी पर लगाकर देखते रहना भजन सुनकर भाव-विभोर हो गए।

कर्म से मिलती कृपा

कथा के दौरान बताया कि भगवान भक्तों के प्रेम भाव पर रीझते हैं। यदि भक्तों का प्रेम सच्चा है तो वह ईश्वर को उसकी कृपा के माध्यम से अवश्य ही प्राप्त कर लेगा। आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति भौतिक साधनों को प्राप्त करने के लिए दौड़ धूप में लगा हुआ है। किंतु कर्म के साथ साथ ईश्वर का स्मरण बना रहना भी आवश्यक है। तभी उसकी कृपा प्राप्त की जा सकती है।

भजन सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

तेरी शरण प्रभु तेरी शरण, तेरी शरण में आया हूं। कार्यक्रम के अंत में भजन सुनाए। मेरी लगी श्याम संग प्रीत दुनिया क्या जाने, पर उपस्थित सभी श्रद्धालु नृत्य करने लगे। आज के कार्यक्रम में जगदीश भाटिया, अनिल अरोड़ा, नवीन अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, दीपक अरोड़ा आदि मौजूद रहे।