KANPUR: बतौर प्रोड्यूसर आपकी पहली फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है?
बहुत अच्छा। सच कहूं तो ऐसी उम्मीद नहीं थी कि इस फिल्म को इतने पॉजिटिव रिव्यूज मिलेंगे। मुझे लोगों से अच्छी बातें सुनने को मिल रही हैं। 
प्रोड्यूसर बनकर कैसा लग रहा है? क्या ये एक्टिंग से बड़ा चैलेंज है?
मैं इस फिल्म से अटैच्ड हूं क्योंकि ये मेरी है। प्रोड्यूसर के तौर पर मैंने इसमें कई घंटे लगाए हैं। इसलिए प्रोड्यूसर के तौर पर ये मेरे लिए ज्यादा मायने रखती है। जब हम एक्टिंग करते हैं तो कैमरे के सामने आते हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं लेकिन जब प्रोड्यूसर होते हैं तो हमारी जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। 
अब आप भी प्रियंका चोपड़ा और अनुष्का शर्मा की लीग में शामिल हो गई हैं। आपका ये कमबैक कैसा रहा?
मुझे ये शŽद कमबैक अब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है। आपको अब दूसरा वर्ड सोचना चाहिए। 
तो क्या सब कुछ अपने आप होता गया और आपको कभी कुछ प्लान नहीं करना पड़ा?
हां, सीरियसली मुझे ये कहना होगा कि सब कुछ अपने आप ही होता गया। पहली फिल्म से लेकर अभी तक कोई स्ट्रॉन्ग प्लानिंग या एंबीशन रहा ही नहीं। इसलिए मैं शुक्रगुजार हूं कि सबकुछ मेरे फेवर में होता गया। 
आओ राजा सॉन्ग अभी भी लोगों के माइंड में फ्रेश है। लोग आपको बिग स्क्रीन पर फिर से वही मैजिक क्रिएट करते देखना चाहते हैं। 
मेरी लाइफ की टैगलाइन बन गई है, 'नेक्स्ट इज व्हॉट'। अब मैं आगे क्या करूंगी, ये मुझे भी नहीं पता है। सच कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी किसी फिल्म को लिखूंगी या उसे प्रोड्यूस करूंगी। ये सब बहुत एक्साइटिंग था क्योंकि सब कुछ अनप्लांड था। मेरी लाइफ में कभी कोई स्ट्रैटेजी रही ही नहीं है। जो बीत गया सो बीत गया। 
जहां इंडस्ट्री में नेपोटिज्म की बातें हो रही हैं, वहीं आप नए एग्जाम्पल सेट कर रही हैं जबकि आप नॉन-फिल्मी बैकग्राउंड से हैं। 
अगर आप किसी चीज को लेकर पैशनेट हैं तो सच में सब कुछ पॉसिबल है। नेपोटिज्म है या नहीं, कौन इसके फेवर में है कौन नहीं ये सब बाद की बातें हैं। अगर आप सच में कुछ अचीव करना चाहते हैं तो आप उसे अचीव कर ही लेंगे। लेकिन उसे हासिल करने के लिए आपके पास उतने अमाउंट में टैलेंट भी होना चाहिए। 

features@inext.co.in

KANPUR: बतौर प्रोड्यूसर आपकी पहली फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है?

बहुत अच्छा। सच कहूं तो ऐसी उम्मीद नहीं थी कि इस फिल्म को इतने पॉजिटिव रिव्यूज मिलेंगे। मुझे लोगों से अच्छी बातें सुनने को मिल रही हैं। 

प्रोड्यूसर बनकर कैसा लग रहा है? क्या ये एक्टिंग से बड़ा चैलेंज है?

मैं इस फिल्म से अटैच्ड हूं क्योंकि ये मेरी है। प्रोड्यूसर के तौर पर मैंने इसमें कई घंटे लगाए हैं। इसलिए प्रोड्यूसर के तौर पर ये मेरे लिए ज्यादा मायने रखती है। जब हम एक्टिंग करते हैं तो कैमरे के सामने आते हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं लेकिन जब प्रोड्यूसर होते हैं तो हमारी जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। 

अब आप भी प्रियंका चोपड़ा और अनुष्का शर्मा की लीग में शामिल हो गई हैं। आपका ये कमबैक कैसा रहा?

मुझे ये शŽद कमबैक अब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है। आपको अब दूसरा वर्ड सोचना चाहिए। 

तो क्या सब कुछ अपने आप होता गया और आपको कभी कुछ प्लान नहीं करना पड़ा?

हां, सीरियसली मुझे ये कहना होगा कि सब कुछ अपने आप ही होता गया। पहली फिल्म से लेकर अभी तक कोई स्ट्रॉन्ग प्लानिंग या एंबीशन रहा ही नहीं। इसलिए मैं शुक्रगुजार हूं कि सबकुछ मेरे फेवर में होता गया। 

आओ राजा सॉन्ग अभी भी लोगों के माइंड में फ्रेश है। लोग आपको बिग स्क्रीन पर फिर से वही मैजिक क्रिएट करते देखना चाहते हैं। 

मेरी लाइफ की टैगलाइन बन गई है, 'नेक्स्ट इज व्हॉट'। अब मैं आगे क्या करूंगी, ये मुझे भी नहीं पता है। सच कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी किसी फिल्म को लिखूंगी या उसे प्रोड्यूस करूंगी। ये सब बहुत एक्साइटिंग था क्योंकि सब कुछ अनप्लांड था। मेरी लाइफ में कभी कोई स्ट्रैटेजी रही ही नहीं है। जो बीत गया सो बीत गया। 

जहां इंडस्ट्री में नेपोटिज्म की बातें हो रही हैं, वहीं आप नए एग्जाम्पल सेट कर रही हैं जबकि आप नॉन-फिल्मी बैकग्राउंड से हैं। 

अगर आप किसी चीज को लेकर पैशनेट हैं तो सच में सब कुछ पॉसिबल है। नेपोटिज्म है या नहीं, कौन इसके फेवर में है कौन नहीं ये सब बाद की बातें हैं। अगर आप सच में कुछ अचीव करना चाहते हैं तो आप उसे अचीव कर ही लेंगे। लेकिन उसे हासिल करने के लिए आपके पास उतने अमाउंट में टैलेंट भी होना चाहिए। 

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