क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : पोक्सो एक्ट के तहत कितने केस दर्ज किए गए और कितने मामलों में कार्रवाई की गई, इसका डिटेल डेटा सीआईडी के पास नहीं है. सीआईडी एडीजी अजय कुमार सिंह मंगलवार को महिला अत्याचार से जुड़ी घटनाओं व कार्रवाई के बारे में जानकारी दे रहे थे. इस दौरान पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले का मुद्दा उठा तो उन्होंने जल्द ही इसका डेटा उपलब्ध कराने की बात कही. ऐसे में सवाल उठता है कि जब हाईकोर्ट की ओर से पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों का निपटारा स्पीडी ट्रायल के माध्यम से करने का निर्देश दिया गया है तो फिर सीआईडी के पास इसका डेटा नही होना कहीं न कहीं उसकी लापरवाही ही दर्शाती है.

कम हुए महिला अत्याचार के मामले

सीआईडी एडीजी अजय कुमार सिंह ने बताया कि 2018 में महिला अत्याचार से जुड़े मामलों में कमी आई. वर्ष 2017 में डायन अधिनियम के तहत 668 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2018 में 481 मामले सामने आए. डायन बिसाही के नाम पर हत्या के 22, अपहरण के 821, छेड़खानी के 268, महिला प्रताड़ना के 728, दहेज अधिनियम के 1150, दहेज हत्या के 228, नारी हत्या के 425 और बलात्कार के 1006 मामले दर्ज किए गए.

मादक द्रव्य मामले में पकड़े गए 279 अपराधी

एडीजी के अनुसार मादक द्रव्य के विरुद्ध पुलिस ने बेहतर काम किया है. वर्ष 2018 में कुल 221 कांड दर्ज हुए, 2160 एकड़ अफीम नष्ट हुआ, 955 किलोग्राम गांजा, 148 किलोग्राम अफीम की बरामदगी हुई, कुल 279 अभियुक्त पकड़े गए, 12 अभियुक्तों को सजा हुई.

साइबर क्राइम के आए 917 मामले

राज्य की थानों में वर्ष 2018 में साइबर अपराध से संबंधित सर्वाधिक कांड दर्ज किए गए हैं. इसके तहत 2018 में कुल 917 कांड दर्ज हुए. इनमें 144 कांडों का निष्पादन हुआ, कुल 435 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई. साइबर थाने ने बैंकों में पड़े 2,17,87,000 रुपये को फ्रीज करवाया और 2100 जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया.