क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : कांके स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री(सीआइपी) मानसिक रोगियों का ऑनलाइन काउंसेलिंग भी करेगा. दूर-दराज क्षेत्र में रहने वाले वैसे लोग जो मानसिक रूप से कमजोर हैं और उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वो रांची सीआईपी में आकर अपना इलाज करा सकें, उनके लिए सीआईपी से ही ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके काउंसेलिंग की जाएगी. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और सीआईपी द्वारा मिलकर नई व्यवस्था शुरू की जा रही है. इसके तहत शुरू में डॉक्टरों को और बाद में बीएनएम को ट्रेनिंग दी जाएगी. बीएनएम अपने क्षेत्र के मरीजों की काउंसेलिंग सीआईपी से करवाएंगी.

डॉक्टरों को मिलेगी ट्रेनिंग

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सीआईपी द्वारा डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी कि वो जहां पदस्थापित है उस इलाके में अगर कोई भी मानसिक रूप से कमजोर या विक्षिप्त व्यक्ति मिलता है तो उसकी काउंसेलिंग रांची सीआईपी से कनेक्ट करके ऑनलाइन कराई जा सके. शुरुआत में डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी उसके बाद बीएनएम को दी जाएगी जो दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करती हैं.

ऑनलाइन होगी पूरी व्यवस्था

इसे शुरू करने के लिए सीआईपी रांची में ऑनलाइन व्यवस्था की जाएगी. इसके तहत एक अलग से सिस्टम तैयार होगा, जहां पर मरीज व सीआईपी के सीनियर डॉक्टर्स भी उपस्थित रहेंगे. दूर-दराज से मानसिक रूप से कमजोर लोगों की ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से सीआईपी के जो सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हैं वो काउंसेलिंग करेंगे और उनका इलाज करेंगे. इसके लिए डॉक्टरों की एक टीम रांची में भी पदस्थापित रहेगी, जो ऑनलाइन मरीजों का इलाज करेगी. इसके लिए सबसे जरूरी होगा कि फ ल्ड में जो डॉक्टर रहते हैं और उनको लगता है कि किस व्यक्ति को मानसिक रूप से काउंसेलिंग की जरूरत है वह सीआईपी से ऑनलाइन सिस्टम में उनको कनेक्ट करा कर इलाज कराएंगे.

वर्जन

सीआईपी रांची में ऑनलाइन इलाज शुरू किया जाएगा. इसके तहत वैसे मानसिक रोगी जो दूर-दराज के क्षेत्र में रहते हैं और रांची नहीं आ पाते हैं उनका इलाज सीआईपी रांची से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा. इसके लिए सीआईपी द्वारा डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके बाद बीएनएम को ट्रेनिंग दी जाएगी जो क्षेत्र में स्वास्थ्य के लिए काम करती हैं.

वीरेंद्र कुमार सिंह. संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग झारखंड