दौराला महायोजना में कृषि भूमि और ग्रीन बेल्ट पर बन गई अवैध कॉलोनियां

Meerut. दौराला महायोजना में कृषि भूमि और ग्रीन बेल्ट पर बनीं 16 अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मेरठ विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की पृष्ठभूमि बना ली है. शासन के निर्देश पर एमडीए चिह्नित 16 बिल्डर्स से अतिरिक्त वाह्य विकास शुल्क वसूलकर इन कॉलोनियों को वैधता देगा. हालांकि इस प्रक्रिया की राह में अड़चनें भी कम नहीं हैं. एमडीए कितना अतिरिक्त शुल्क वसूलेगा, इस पर शासन के निर्देशन में ही फैसला लिया जाएगा.

करोड़ों रुपये का फटका

गौरतलब है कि गत वर्षो में एमडीए के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से प्रस्तावित दौराला महायोजना परिक्षेत्र में ताबड़तोड़ आवासीय और व्यवसायिक निर्माण कराए गए. कृषि भूमि में दर्ज इस जमीन का लैंडयूज परिवर्तित किए बिना एमडीए से नक्शों को पास कराया गया. ऐसे 16 बिल्डर्स को शासन में शिकायत के बाद एमडीए ने चिह्नित किया है जिन्होंने हेराफेरी कर प्राधिकरण और निबंधन विभाग करोड़ों रुपये का फटका लगाया है. शासन के निर्देश पर प्राधिकरण अब इन बिल्डर्स से अतिरिक्त वाह्य विकास शुल्क वसूलकर गु्रप हाउसिंग और कॉलोनियों को मंजूरी देगा. यह अनुमानित शुल्क 200 करोड़ से अधिक है.

सर्किल रेट का फंस पेंच

अतिरिक्त वाह्य विकास शुल्क की कलकुलेशन को लेकर नियोजन विभाग के हाथ खड़े करने पर एमडीए वीसी साहब सिंह ने सचिव राजकुमार की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी है. कमेटी ने सभी 16 चिह्नित बिल्डर्स को नोटिस जारी करने के लिए कैलकुलेशन आरंभ कर दिया है. किंतु इस प्रक्रिया में सर्किल रेट्स का पेंच फंस रहा है. लैंड्यूज चेंज होने के बाद प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत पर प्राधिकरण वाह्य विकास शुल्क वसूलेगा या तत्कालीन दरों पर वसूलेगा. इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति है. हालांकि प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में शासन से गाइडलाइन मांगी गई है. शासन के निर्देशों पर ही नोटिस प्रक्रिया को पूर्ण किया जा रहा है.

कमेटी इस दिशा में कार्य कर रही है. संपूर्ण प्रक्रिया शासन के निर्देशों पर पूर्ण की जा रही है. जल्द ही नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी.

राजकुमार, सचिव, एमडीए