- 14 करोड़ से गलियों में जीआई लाइट लगाने के लिए नहीं मिला बजट

- अब कार्यदायी संस्था ईईएसएल कम्पनियों के सीएसआर फंड से कराएगी काम

हृदय योजना के तहत गलियों में हेरिटेज रोशनी बिखेरने वाले जीआई लाइट और पोल लगाने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की एम्पावर्ड कमेटी ने इनकार कर दिया है. कार्यदायी संस्था ईईएसएल ने लाइट लगाने के लिए 14 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था. लेकिन अफसरों ने साफ कह दिया है कि अगर प्रोजेक्ट पूरा करना है तो किसी दूसरे माध्यम से धन की व्यवस्था करें. हालांकि गलियों को रोशन करने के लिए ईईएसएल ने विभिन्न कम्पनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) फंड से काम पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है.

4100 जीआई पोल व लाइट

हृदय योजना के तहत शहर के मुख्य मार्गो को रोशन करने के लिए 4700 हेरिटेज लाइटें लगाई गई हैं. कार्यदायी संस्था एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इस काम को पूरा कर लिया है. इसके बाद केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अफसरों से बातचीत के बाद मई में गलियों को रोशन करने के लिए 14 करोड़ से जीआई लाइट्स और पोल लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था. प्रस्ताव के मुताबिक 4100 जीआई पोल व लाइट, 4100 जंक्शन बॉक्स और करीब 50 किलोमीटर अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम पूरा करना था. प्रस्ताव को मंत्रालय की हृदय नेशनल एम्पावर्ड कमेटी के सामने रखा गया पर कमेटी ने बजट देने से साफ मना कर दिया.

कीमत है बेहद कम

विभागीय अफसरों के मुताबिक जीआई लाइट हेरिटेज की तरह ही रोशनी देती हैं, लेकिन कीमत उससे करीब एक चौथाई कम होती है. इससे गलियों को रोशन करने के लिए जीआई लाइट का प्रस्ताव भेजा गया था. दरअसल, हेरिटेज लाइट दिखने में आकर्षक होती हैं, लेकिन जीआई लाइट साधारण लाइटों की तरह होती हैं.

एक नजर

- 4100 जीआई लाइट्स लगेंगी

- 14 करोड़ है प्रोजेक्ट की लागत

- 14000 है एक लाइट की कीमत

शहरी विकास मंत्रालय की एम्पावर्ड कमेटी ने धन देने से मना कर दिया, क्योंकि यह हृदय के मानकों में नहीं आता है. अब कार्यदायी संस्था दूसरे माध्यम से काम कराएगी.

एके श्रीवास्तव, एक्सईएन (हृदय)

गलियों में जीआई लाइट लगाने के लिए आईबीएल, गेल आदि कम्पनियों से बात की गई है. कम्पनियों ने धन देने को कहा है. जल्द काम शुरू किया जाएगा.

भानुशंकर, प्रोजेक्ट मैनेजर, ईईएसएल