- 3 दिन पहले मंडलायुक्त के आदेश पर बंद किया गया था संचालन

- 8 सिटी बसें का संचालन होता है मोहनलालगंज रूट पर

- 3 से 4 फेरे लगाती है बस

- 8 हजार यात्री करते हैं रोजाना सफर

- 3 रूट पर 20 हजार यात्रियों ने बनवा रखी है एमएसटी

- एमएसटी धारकों के विरोध को देखते हुए सिटी बस प्रबंधन ने लिया निर्णय

- फरवरी तक मोहनलालगंज, देवा और बाराबंकी के लिए चलेंगी सिटी बसें

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW: एक बार फिर सिटी बसों का संचालन शहरी सीमा के पार भी किया जाएगा. एमएसटी धारकों की मांग के चलते यह निर्णय सिटी बस प्रबंधन ने लिया है. फरवरी तक इन रूट पर सिटी बसों का संचालन शुरू हो जाएगा. सिटी बस प्रबंधन के इस निर्णय से इन रूट पर रोडवेज की बसों में होने वाली भीड़ कुछ कम होगी. फिलहाल इन रूट पर सिटी बसों की व्यवस्था करने के साथ ही समय सारिणी तैयार करने का काम चल रहा है.

तीन दिन पहले बंद हुई थी सेवा

तीन दिन पहले परिवहन निगम की शिकायत पर मंडलायुक्त ने सिटी बसों का संचालन शहरी सीमा में ही करने का निर्देश दिया था. जिसका वे यात्री विरोध कर रहे थे जिन्होंने सिटी बसों में मोहनलालगंज, देवा और बाराबंकी जाने के लिए एमएसटी बनवा रखी है. इन लोगों ने सिटी बस प्रबंधन से एमएसटी बनवाने के लिए ली गई राशि वापस मांगना शुरू कर दिया था. चारबाग बस अड्डे पर इसे लेकर प्रदर्शन भी हुआ था.

बैकफुट पर सिटी बस प्रबंधन

ऐसे में एमएसटी धारकों की मांग के चलते सिटी बस प्रबंधन बैकफुट पर आ गया और उसने फरवरी तक पूर्व की तरह इन रूट पर बस संचालन का आश्वासन दिया है. गौरतलब है कि अचानक सिटी बस संचालन इन रूट पर बंद किए जाने से हजारों यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी.

कोट

फिलहाल तीनों रूट पर सिटी बसों के संचालन को हरी झंडी दे दी गई है. इनका संचालन फरवरी तक करने की तैयारी है. एमएसटी धारकों की परेशानी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. फरवरी तक सभी एमएसटी पूरी हो जाएंगी.

आरिफ सकलेन

एमडी, सिटी बस प्रबंधन

बाक्स

मोहनलालगंज रूट

इस रूट पर आठ सिटी बसों का संचालन होता है. ये बसें दिन में तीन से चार चक्कर लगाती हैं. इन बसों से करीब 20 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं.

देवा रोड

इस रूट पर तीन सिटी बसें चलती हैं, जो दिन में आठ से 10 चक्कर लगाती हैं. करीब 8 हजार यात्री इनमें सफर करते हैं.

बाराबंकी रूट

चार सिटी बसें इस रूट पर चलती हैं. ये बसें दिन में चार से पांच तक चक्कर लगाती हैं. रोज लगभग 15 हजार यात्री इन बसों में यात्रा करते हैं.