- नगर निगम के हटाने के बाद फिर काबिज हो जा रहे दुकानदार

- चिन्हित किए गए टोटल कब्जे भी नहीं हटाए जा सके

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नगर निगम शहर को अतिक्रमण मुक्त करने का चाहे जितना प्रयास करे, लेकिन दुकानदार उसके अभियान को पलीता लगा रहे हैं. वहीं, तमाम एरिया में भवन स्वामियों ने निर्धारित सीमा से आगे तक स्थायी निर्माण कर अवैध कब्जा कर रखा है. इससे जहां शहर 'बदरंग' दिख रहा है. वहीं पब्लिक को भी आवागमन समेत तमाम दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं. जून में निगम ने वृहद अभियान चलाया, लेकिन महज बीस फीसदी अतिक्रमण ही तोड़े जा सके. इसके बाद से अभियान बंद है. समय बीतने के साथ ही दुकानदारों ने फिर से सड़क तक कब्जा जमा लिया.

यहां ज्यादा शिकायत

शहर के चेतगंज, नई सड़क, गोदौलिया, गिरजाघर, मैदागिन, भेलूपुर, चौकाघाट, लक्सा रोड, काशी स्टेशन-राजघाट मार्ग, बेनियाबाग, पांडेयपुर, आजमगढ़ रोड, भदैनी समेत पांच दर्जन जगहों पर सड़क किनारे अतिक्रमण करने की शिकायतें ज्यादा मिली हैं. दरअसल, नगर निगम जोनवार सर्वे कराकर अवैध कब्जों को चिन्हित करता है. पिछले महीनों में एक हजार से ज्यादा स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं.

कानून तमाम पर सिफर परिणाम

अफसरों के मुताबिक अतिक्रमण करने पर चालान, जुर्माना व सामान जब्त करने की कार्रवाई होगी. नगर सम्पत्ति विरोपक अधिनियम के तहत बार-बार अतिक्रमण करने पर एफआईआर व जेल तक हो सकती है. नगर आयुक्त ने डॉ. नितिन बंसल ने सभी जोनल अधिकारियों को डेली अपने एरिया का भ्रमण करने का निर्देश दिया है. ताकि वहां फिर अतिक्रमण ना होने पाए. इसके लिए अतिक्रमणकारियों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई करने को कहा है.

एक नजर

- 58 जगहों पर जून में हुई कार्रवाई

- 338 अतिक्रमणकारियों का चालान

- 1.34 लाख रुपये वसूला जुर्माना

- 142 अतिक्रमण तोड़े गए अभियान में

- 5 से 50 हजार तक लगता है जुर्माना अतिक्रमण के हिसाब से

- 1032 स्थायी व अस्थायी कब्जे हुए चिन्हित

कई जगहों पर फिर से अतिक्रमण करने की शिकायत मिल रही है. जोनल अधिकारियों को इस सम्बंध में सख्त ताकीद की गई है. अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जल्द अभियान चलेगा.

राकेश यादव, संयुक्त नगर आयुक्त (द्वितीय)