-फायर फाइटिंग सिस्टम के बिना ही चल रहे शहर के होटल, लॉज

-फायर डिपार्टमेंट को भी नहीं पता कितने पास है एनओसी

वाराणसी में अग्निकांड से इनकार नहीं किया जा सकता

600

होटल-लॉज हैं जिले में

150

होटलों को भेजा गया था नोटिस

176

स्टाफ हैं फायर डिपार्टमेंट के पास

04

फायर स्टेशन हैं शहर में

04

छोटी गाडि़यां हैं फायर फाइटिंग की

39

फायर टेंडर हैं फायर ब्रिगेड के पास

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VARANASI

बनारस में भी दिल्ली करोलबाग के होटल अर्पित जैसा अग्निकांड हो जाए तो बड़ी बात नहीं है. इस शहर में होटल और लॉज फायर सेफ्टी सिस्टम के बिना ही चल रहे हैं. गंभीर बात यह है कि फायर डिपार्टमेंट को भी पता नहीं है कि शहर में ऐसे कितने होटल हैं जिनके पास डिपार्टमेंट का एनओसी नहीं है. एक अपार्टमेंट की अगलगी की घटना के बाद बीते साल नवम्बर में करीब 150 होटलों में अग्निशमन की पूर्ण व्यवस्था नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला.

गंगा किनारे ज्यादा खतरा

दुनिया के प्राचीनतम नगरों में शामिल बनारस में बड़ी संख्या देशी-विदेशी टूरिस्ट आते हैं. लाखों में आने वाले सैलानियों की भी शहर के कैंट, कैंटोनमेंट समेत शहर के विभिन्न इलाकों में मौजूद होटल, लॉज, पेइंग गेस्ट हाउस में ठहरते हैं. जिन्हें यहां जगह नहीं मिलती वो धर्मशाला आदि का सहारा लेते हैं. इन जगहों पर आग से लड़ने का इंतजाम नहीं है. गंगा किनारे भी बड़ी संख्या में होटल, लॉज हैं यहां भी सब भगवान भरोसे है. इनमें आग लगे तो सकरी गलियों की वजह से फायर ब्रिगेड भी नहीं पहुंच पाएगा.

विभाग में मैन पॉवर की कमी

सीएफओ अनिमेष सिंह का कहना है कि डिपार्टमेंट के पास मैनपावर की कमी है. इसके चलते होटल, लॉज आदि की जांच समय से नहीं हो पाती है. जनपद में चार फायर स्टेशन है. संकरी गलियों में आग बुझाने के लिए हमारे पास अभी 39बाइक फायर टेंडर है. इसके अलावा सात छोटी गाडि़यां हैं. 500 लीटर ही वाटर मिस्ट सिस्टम है. विभाग के पास 176 अधिकारी और कर्मचारी हैं. वैसे तो 237 स्टाफ होने चाहिए.

छह के खिलाफ एफआईआर

बीते 20 नवम्बर को विराट एश्वर्या अपार्टमेंट में आग की घटना के बाद फायर विभाग की ओर से 150 अपार्टमेंट और होटल संचालकों को नोटिस भेजा गया था. इसके अलावा पूर्विका, विराट एश्वर्या अपार्टमेंट, कृष्णा विराट, धनुश्री काम्प्लेक्स, चावला होटल, विराट काम्प्लेक्स के संचालकों और प्रबंधकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी थी.

150 होटल को नोटिस जारी किया गया था. दो माह से ऊपर हो गया. लेकिन किसी का जवाब नहीं आया. मार्च में इन होटलों के खिलाफ सराय एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी और एडीएम सिटी को पत्र लिखा जाएगा.

अनिमेष सिंह, सीएफओ