-स्वच्छता में 17वें पायदान पर पहुंचा बनारस

-नगर निगम के प्रयास से 1700 में अब तक मिले छह सौ अंक

-जनता और सर्वे एजेंसी दिलाएगी 11 सौ अंक

varanasi

देश के पांच सौ शहरों के बीच स्वच्छता को लेकर चल रहे स्पर्धा में बनारस तेजी से ऊपर जा रहा है। अब तक शहर क्7वें पायदान पर पहुंच गया है। नगर निगम के मुताबिक पूर्णाक क्700 में से उसे म्00 अंक मिल रहे हैं। ठोस कचरा प्रबंधन की दिशा में बढ़े मजबूत कदम, करसड़ा प्लांट का संचालन व सभी वार्डो में घर-घर कूड़ा उठान, सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय निर्माण में आपेक्षित सफलता इसके पीछे है। साथ ही नगर में करीब सवा सौ शौचालय जनता को लोकर्पित हैं। गरीब व असहायों के घर में जमीन की उपलब्धता पर नि:शुल्क शौचालय निर्माण कराया गया है। नगर निगम ने एक सौ से अधिक परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय का लाभ दिया है। कूड़ाघरों में भी बैकलॉग बिल्कुल नहीं रहा है। शुद्ध पेयजल के लिए वॉटर एटीएम लगाए गए हैं। डस्टबिन, कंटेनर आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। गंगा घाटों पर सफाई का अलग इंतजाम है। इनकी बदौलत ही अंक प्राप्त हुए हैं। शेष क्क्00 अंक जनता व एक अन्य सर्वे करने वाली एजेंसी के हाथ में है।

एजेंसी करेगी सर्वे

देश के पांच सौ शहरों के बीच स्वच्छता सर्वे होगा। बनारस की सफाई व्यवस्था को जांचने के लिए विभिन्न एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है। चार जनवरी से क्8 जनवरी के बीच चयनित एजेंसियां नगर में भ्रमण कर रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसके अलावा स्वच्छता अभियान से जनता के जुड़ाव व सुझाव-शिकायत पर भी नंबर दिए जाएंगे। स्वच्छता सर्वे में अधिकतम अंक पाने के लिए जनता पर बड़ी जिम्मेदारी है। जनता को ज्यादा कुछ नहीं करना है। ख्भ् हजार लोगों को नगर निगम के स्वच्छता एप से जुड़ना है। इस काम को फ्क् दिसंबर तक कर देना है। जनता को एप डाउनलोड करके जहां गंदगी दिखे तो उसकी फोटो खींच कर भेज देनी है। इसके आधार पर निगम सफाई कराएगा। अब तक एप से साढ़े सात हजार लोग जुड़े चुके हैं। बीते दो वर्षो में हुए सर्वे में बनारस फिसड्डी साबितुआ था।

आज से विशेष्ा सफाई

नगर निगम की ओर से स्वच्छता अभियान के प्रभारी बनाए गए तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि ख्म् दिसंबर से नगर के सभी यूरिनलों की सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा नगर के कई हिस्सों में रात को भी सफाई कराने की शुरुआत होगी। वर्तमान में प्रतिदिन ख्8 ऐसे स्थानों को चुनकर विशेष सफाई की जा रही है जो बेहद गंदे हैं। यह कवायद जोनवार की जा रही है।