- स्वच्छता समिति की ओर से कवायद करने की तैयारी

- जनता की सुविधाओं के आधार पर दिए जाएंगे अंक

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LUCKNOW: स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के मद्देनजर अब शहर के सभी 110 वार्डो को स्वच्छता के 10 पैरामीटर्स की कसौटी पर उतारा जाएगा, जिसके बाद जनता की सुविधाओं के आधार पर वार्डो की रेटिंग तय की जाएगी. इस जिम्मेदारी का वहन वार्डो में गठित स्वच्छता समितियों की ओर से किया जाएगा. इसके बाद रेटिंग की पूरी रिपोर्ट नगर विकास मंत्री के पास भेजी जाएगी.

इसलिए कवायद

जनवरी माह से स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 शुरू होने जा रहा है. इस बार सर्वेक्षण में शहर टॉप तीन स्थानों में आ सके, इसके लिए यह कवायद की जा रही है. रेटिंग तय होने से यह साफ हो जाएगा कि किस वार्ड में जनता को शत प्रतिशत सुविधाएं मिल रही हैं और किस वार्ड में अभी खामियां हैं. इस पैरामीटर में साफ सफाई भी शामिल है, ऐसे में यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा ऐसा वार्ड है, जहां नियमित रूप से झाड़ू आदि नहीं लगती है. जिसके बाद सर्वेक्षण से पहले उपरोक्त खामियों को दूर करके शहर को परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा.

जनता को जागरुक भी

स्वच्छता सर्वेक्षण में जनता के फीडबैक के भी अंक हैं. पिछले दो स्वच्छता सर्वेक्षण की बात करें तो शहर की 70 फीसदी जनता सर्वेक्षण के बारे में अंजान थी. इसकी वजह से कहीं न कहीं निगम को अंकों का नुकसान हुआ है. इसे ध्यान में रखते हुए यह प्लानिंग की जा रही है कि स्वच्छता समितियों के अध्यक्ष व सदस्य अपने-अपने वार्ड में घर-घर जाकर जनता को स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के बारे में जानकारी देंगे. उन्हें यह भी बताएंगे कि सर्वेक्षण में उनकी क्या जिम्मेदारी है. जिससे सर्वेक्षण में नगर निगम को बेहतर अंक हासिल हो सकें.

ये होंगे पैरामीटर्स

वार्डो की रेटिंग तय करने के लिए पैरामीटर्स तय किए जा रहे हैं. ये पैरामीटर्स निम्नलिखित हैं..

1-टॉयलेट्स की स्थिति

2-साफ सफाई की स्थिति

3-कूड़ा उठान व्यवस्था

4-घरों से कूड़ा कलेक्शन की स्थिति

5-एलईडी स्ट्रीट लाइट्स की कंडीशन

6-आवारा जानवरों की स्थिति

7-अवैध डेयरियों की स्थिति

8-अतिक्रमण का हाल

9-नाले-नालियों की स्थिति

10-जनता की जागरुकता

तस्वीर हो जाएगी साफ

वार्डो की रेटिंग ए,बी और सी कैटेगरी में तय की जाएगी. इससे यह साफ हो जाएगा कि किस वार्ड में कवायद किया जाना बेहद जरूरी है. रेटिंग के दौरान संबंधित पार्षदों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी. जिससे सारी स्थिति अपने आप साफ हो सके.

ये है भूमिका

हाल में ही सभी वार्डो में स्वच्छता समितियों का गठन किया गया है. यह कदम नगर विकास मंत्री के निर्देश पर उठाया गया है. ये समितियां नियमित रूप से वार्डो में स्वच्छता को लेकर कार्यशाला आयोजित कर रही हैं. इसके साथ ही बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का प्रचार प्रसार भी कर रही हैं.

वर्जन

जनवरी से शुरू होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर ही यह कदम उठाया जा रहा है. इस कवायद से यह साफ हो जाएगा कि किस वार्ड में स्वच्छता से जुड़ी खामियां हैं. जिसे सर्वेक्षण के शुरू होने से पहले दूर कर लिया जाएगा. जिससे सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग बेहतर आ सके.

सुनील मिश्रा, संयोजक, स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति