मेरठ-हापुड़ लोकसभा से हैट्रिक मारने वाले सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने गिनाई प्राथमिकताएं

जल्द मिलेगी एयर कनेक्टिविटी, हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे प्राथमिकता से खिसके

MEERUT : मेरठ-हापुड़ संसदीय सीट पर जीत की हैट्रिक जमाने के बाद सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मेरठ में नालों की सफाई और शुद्ध पेयजल प्राथमिकता में शामिल हैं। हालांकि जीत का सेहरा सजते ही मेरठ में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना का ऐलान करने के दूसरे दिन शुक्रवार को सांसद ने मुद्दे को देशव्यापी करार दे दिया और कहा कि अब देशभर में न्याय व्यवस्था सुदृढ बनाने के लिए समग्र समीक्षा की आवश्यकता है। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने शुक्रवार को सांसद से प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

मुद्दा नहीं, होगा ठोस प्रयास

मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग के सवाल पर सांसद ने कहाकि केवल मुद्दा उठाने से बात नहीं बनेगी। 40 सालों से जिन मांग को जोरशोर से उठाया जा रहा है आखिर उसपर कार्यवाही क्यों नहीं हो पा रही है? वकीलों की तरह इस मुद्दे पर बहस करके समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। जबकि सच्चाई यह है कि हाईकोर्ट की संस्तुति के बिना हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना नहीं की जा सकती है। पार्लियामेंट में देश की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के मुद्दे को उठाया जाएगा। सिर्फ मेरठ में ही नहीं बल्कि अन्य हिस्सों में ही जहां कोर्ट की बेंच की स्थापना की आवश्यकता है, वहां बेंच मिले। किस राज्य में कितने न्यायालयों की आवश्यकता है? इन सब पर एक समग्र रूप से समीक्षा हो और सुधार के प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही मेरठ में बेंच की स्थापना होगा।

नालों से हटेगी गंदगी

सांसद ने कहा कि मेरठ शहर के ज्यादातर नाले चोक है। गत वर्षो से स्थानीय प्रशासन की नाला सफाई को लेकर कैजुअल अप्रोच के चलते ही समस्या विकराल रूप ले रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर प्रशासनिक अधिकारी डेयरियों को बाहर खदेड़ने के लिए तो आ जाते हैं किंतु वे कैटल कॉलोनी के लिए जमीन उपलब्ध कराने में हाथ खड़े कर रहे हैं। इसके अलावा शहर से जब तब डेयरियां बाहर नहीं जा रही हैं नगर निगम को चाहिए कि वो हर डेयरी से गोबर उठाना सुनिश्चित करे जिससे कि गोबर नालों तक न पहुंच पाए। पहले भी अधिकारियों को इस बाबत चेताया गया किंतु स्थिति में सुधार नहीं हो सका। नालों में गंदगी उफना रही है तो वहीं सड़कों पर कूड़ा जल रहा है। आखिर प्रशासनिक लापरवाही की वजह से ही तो मेरठ स्मार्ट सिटी का दावा खो बैठा है।

तालाबों से हटेगा कब्जा

जिले में तालाबों पर कब्जा कर लिया गया है। इन पर भू-माफिया काबिज हैं, जिससे वर्षाजल का संचयन नहीं हो पा रहा है और वाटर लेवल साल दर साल गिरता जा रहा है। सांसद ने कहा कि राजस्थान में तालाबों के संरक्षण को लेकर कुछ प्रयोग हुए हैं हमने उनका अध्ययन किया है। मेरठ भी जल संरक्षण के लिए समग्र प्रयास किए जाएंगे।

विकास को समर्पित रहेगा कार्यकाल

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनका पूरा कार्यकाल विकास को समर्पित होगा। उन्होंने कहा कि मेरठ से हवाई उड़ान पर तेजी से काम हो रहा है। भरोसा करें, इसी वर्ष हवाई उड़ान शुरू हो सकती है। मेरठ-हापुड़ में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री बसाना है। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत काली नदी की सफाई प्राथमिकता में है। मेरठ में पानी की समस्या के निराकरण के लिए वैज्ञानिकों से बात कर कोई बड़ा कदम उठाया जाएगा। मेरठ में रैपिड रेल, मेरठ मेट्रो के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कराया जाएगा तो वहीं कई नए प्रोजेक्ट भी आने वाले दिनों में मेरठ के विकास को पंख लगाएंगे।