- एडीजी ने समस्त विभागों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

- फायर विभाग को जारी किए कड़े निर्देश

बरेली : सूरत में कोचिंग सेंटर में अग्निकांड को लेकर थर्स डे को आयोजित बैठक में एडीजी अविनाश चंद्र एक्शन में दिखे। उन्होंने फायर विभाग को कड़े दिशा-निर्देश दिए। सीधे शब्दों में कहा कि शहर के जिन काम्पलेक्स में कोचिंग संस्थान चल रहे हैं वहां नियमित रूप से मानकों के अनुरुप निरीक्षण किया जाए जहां भी कमियां पाई जाती हैं नियमानुसार वहां मानक पूर्ण करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए। अगर मानक पूर्ण नहीं मिलते हैं तो कार्रवाई करने में जरा सी भी देरी न हो। इस क्षेत्र में की गई लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अफसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सर, कई हॉस्पिटलों में भी नहीं हैं आग के इंतजाम

समीक्षा बैठक के दौरान एफएसओ सोमदत्त सोनकर ने कहा कि पिछले माह निरीक्षण किया था जिनमें रामपुर गार्डन में बने कई हॉस्पिटलों में मानक के अनुरुप आग के इंतजाम नहीं मिले थे। इसकी रिपोर्ट डीएम समेत बीडीए को सौंपी जा चुकी है।

बेसमेंट में चल रही कोचिंग करें सील

एडीजी ने कहा कि शहर में कहीं भी बेसमेंट में अगर कोचिंग संस्थान चलता मिले तो इसको फौरन सील कर दिया जाए। बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूरत अग्निकांड घोर लापरवाही का प्रमाण है।

समय-समय पर मॉक ड्रिल कर करें अवेयर

एडीजी ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि समय-समय पर शहर के सरकारी व गैर सरकारी विभागों में मॉक ड्रिल का आयोजन हो जिससे लोग आग से बचने के तरीकों से अवेयर हो सकें। लेकिन इससे पहले बड़ी-छोटी कोचिंग और स्कूलों में भी फायर विभाग की ओर से मॉक ड्रिल प्राथमिकता से हो जिससे बच्चे आग से बचने के उपाय जान सकें।