जिला प्रशासन ने लिया संज्ञान, सिटी मजिस्ट्रेट ने 6 अन्य कोचिंग संस्थानों को जारी किया नोटिस

मानकों को पूरा न करने के बाद ही कर सकेंगे रेगुलर क्लासेस का संचालन

MEERUT : सूरत हादसे के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने अवैध कोचिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई का मूड बना लिया है। शहर के 6 नामचीन कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि वे अपने यहां फायर सेफ्टी के आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद ही कोचिंग क्लासेस का संचालन करें। मानकों को पूरा करे बिना यदि कोचिंग संचालक ने क्लासेस लगाई तो कोचिंग सेंटर को सील कर दिया जाएगा और यदि इस बीच कोई अनहोनी हो गई तो कोचिंग संचालक जेल जाएगा। जिला प्रशासन की कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में खलबली है। सीएफओ अजय कुमार शर्मा के मुताबिक शुक्रवार को 11 कोचिंग सेंटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक लगभग 3 दर्जन कोचिंग सेंटर्स को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

सीएफओ ने की थी छापेमारी

24 मई को सूरत के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स अग्निकांड से हुई जनहानि के बाद देशभर में अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। इसी क्रम में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक फायर सर्विस ने हाईअलर्ट घोषित करते हुए सभी जनपदों के चीफ फायर ऑफीसर (सीएफओ) को कोचिंग संस्थानों में सघन जांच के आदेश दिए थे। मेरठ में सीएफओ अजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में प्रमुख कोचिंग संस्थानों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। इस अभियान मे ज्यादातर कोचिंग संस्थान फायर सेफ्टी के मानकों पर धड़ाम हो गए। कोचिंग संस्थानों के अलावा एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में भी फायर विभाग की टीम ने छापेमारी की। प्रक्रिया के दौरान फायर विभाग ने दो दर्जन कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए मानकों को पूरा करने के आदेश दिए।

सिटी मजिस्ट्रेट ने जारी किए नोटिस

फायर डिपार्टमेंट की कार्रवाई के साथ-साथ जिला प्रशासन भी एक्शन मोड में आ गया। डीएम अनिल ढींगरा के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार तक मेरठ के 6 बड़े कोचिंग संस्थानों को सख्त नोटिस जारी करते हुए मानकों को पूरा न करने तक कोचिंग क्लासेस बंद करन के आदेश दिए हैं। ये वे कोचिंग संस्थान जिनपर छापेमारी कार्रवाई के दौरान सीएफओ को अनियमितताएं मिली थीं। सिटी मजिस्ट्रेट ने नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) 2005 का हवाला देते हुए कहा कि कोचिंग संचालक फायर सेफ्टी मानकों को पूरा करने के बाद ही क्लासेस का संचालन कर सकेंगे। बिना मानकों को पूरा किए कोचिंग क्लासेस के संचालन पर सीलिंग की कार्रवाई तक हो सकती है। और किसी अनहोनी की स्थिति में कोचिंग संचालक को जेल जाना होगा।

यह मानक करने होंगे पूरे

-बिल्डिंग में स्मोक डिटेक्टर लगाना होगा।

-टेरिस पर 10 हजार लीटर का टेरिस टैंक लगाना होगा।

-10 हजार लीटर का एक अंडरग्राउंड वाटर टैंक बनाना होगा, अंडरग्राउंड टैंक से पानी पंप करने के लिए इलेक्ट्रिक और डीजल से चलित मोटर पंप रखना होगा।

-वेटराइजर सिस्टम लगाना होगा।

-एक अतिरिक्त स्टेयरकेस (सीढि़यों) का निर्माण करना होगा।

-मैनुअली ऑपरेटेड इलेक्ट्रिक फायर अलार्म सिस्टम स्थापित करना होगा।

-ऑटोमैटिक डिटेक्शन एंड अलार्म स्थापित करना होगा।

-स्मोक वेन्टीलेशन सिस्टम लगाना होगा।

-ऑटोमैटिक स्पिंकलर सिस्टम स्थापित करना होगा।

एमडीए को भी करनी होगी जांच

सिटी मजिस्ट्रेट ने कोचिंग संचालकों को जारी नोटिस की कॉपी एमडीए सचिव राजकुमार को भी भेजी है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्राधिकरण को बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक बिल्डिंग की जांच करने के लिए कहा गया है। यदि मानकों के अनुरूप बिल्डिंग का निर्माण नहीं मिला या नक्शा पास नहीं मिला तो बिल्डिंग के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट ने फायर विभाग को हिदायत दी कि वे किसी भी स्थिति में मानकों की पड़ताल किए बिना एनओसी जारी न करें।

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फायर सेफ्टी मानकों को पूरा न करने पर 6 कोचिंग संस्थान को नोटिस जारी किए गए हैं। कोचिंग संस्थान को हिदायत दी गई है कि वे क्लासेस का संचालन न करें। किसी भी अनहोनी की दशा में कोचिंग संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

-संजय कुमार पाण्डेय, सिटी मजिस्ट्रेट, मेरठ

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कोचिंग संस्थानों के खिलाफ छापेमार कार्रवाई जारी रहेगी। 2 दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों में निरीक्षण के दौरान टीम को खामियां ही खामियां मिली हैं। फायर विभाग से एनओसी लिए बिना कोचिंग क्लासेस का संचालन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

-अजय कुमार शर्मा, सीएफओ, मेरठ