- बीती 23 दिसंबर की रात तेजरफ्तार कार ने रॉन्ग साइड से आकर कार में मारी थी टक्कर

- एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

lucknow@inext.co.in

LUCKNOW :

सेना और सैन्यकर्मियों के प्रति समाज में सम्मान का भाव रहता है. लेकिन, लखनऊ पुलिस इसका भी लिहाज नहीं करती. ताजा मामला सामने आया है कैंट एरिया का, जहां बीती 23 दिसंबर को परिवार संग लौट रहे कर्नल की कार में एक तेजरफ्तार कार ने इरादतन टक्कर मार दी. इसके बाद आरोपी कार लेकर मौके से फरार हो गया. घटना में कर्नल व उनके परिजन घायल हो गए. उन्होंने कैंट थाने में पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज व टक्कर मारने वाली कार का नंबर देते हुए एफआईआर दर्ज कराई. पर, पुलिस ने बीते 15 दिनों में कार्रवाई के नाम पर गाड़ी मालिक का नाम-पता ही निकलवा सकी. अब भुक्तभोगी ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की बात कही है.

परिवार के साथ लौट रहे थे

ईएमई वर्कशॉप के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल सिद्धार्थ घोष के मुताबिक, बीती 23 दिसंबर की रात वे अपनी फैमिली के साथ कार (पीबी06एच/6766) पर सवार होकर कहीं गए थे. रात करीब 10 बजे वापस लौटते वक्त जब वे कैंट स्थित बनिया चौराहा पर टर्न करने लगे, इसी दौरान पीछे से आ रही तेजरफ्तार इंडिगो (यूपी32ईएन/4980) ने रॉन्ग साइड से आते हुए उनकी कार में टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कर्नल घोष की कार घिसटते हुए फुटपाथ के नीचे उतर गई. इसी बीच इंडिगो सवार कार को लेकर पीजीआई की ओर भाग निकला. पूरी घटना चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. जिस देख साफ पता चल रहा था कि इंडिगो सवार ने इरादतन कर्नल घोष की कार में रॉन्ग साइड आकर टक्कर मार दी.

पुलिस ने दिखाई लापरवाही

घटना में कर्नल घोष और उनके परिजनों को गंभीर चोटें आई. साथ ही उनकी कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कर्नल घोष ने कैंट पुलिस को तहरीर देते हुए इंडिगो सवार पर जानबूझकर टक्कर मारने की बात कही. उन्होंने अपनी बात के प्रमाण स्वरूप घटना की सीसीटीवी फुटेज और कार का नंबर भी दिया. लेकिन, बावजूद इसके पुलिस ने अपना ढीला रवैया अपनाए रखा. उन्होंने मामले के विवेचक कैंट थाने के दारोगा ध्रुव चंद्र मौर्य से कार्रवाई की मांग की. लेकिन, वे ढीला रवैया अपनाए रहे. रविवार को घटना के 15 दिन पूरे होने पर जब दारोगा मौर्या से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जानकारी मांगी तो वे सकपका गए. उन्होंने बताया कि आरटीओ कार्यालय से जानकारी करने पर पता चला है कि इंडिगो के मालिक एल्डिको, बंगला बाजार निवासी मो. आरिफ नाम का शख्स है. कार्रवाई के बारे में पूछने पर एसआई मौर्या ने गोलमोल जवाब देकर पीछा छुड़ा लिया.