DEHRADUN: एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरणा) में आज से फाइलों की कलर कोडिंग व्यवस्था शुरू होगी. जिसके तहत यह पता चल पाएगा कि आखिर कौन-सी फाइल किस टेबल पर लंबे समय से स्वीकृति मिलने का इंतजार कर रही है. नए वीसी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के आने के बाद प्राधिकरण में फाइलों के मूवमेंट पर तेजी लाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है. बीते दो नवंबर को वीसी ने इस व्यवस्था पर सख्ती से अनुपालन किए जाने के निर्देश दिए थे. इधर, लंबित पत्रावलियों के निस्तारण के लिए छह नवंबर की आखिरी तारीख तय की थी. सोमवार को वीसी के सामने इस बावत विवरण प्रस्तुत किया जाएगा.

लंबे समय तक टेबल पर पड़ी रहती हैं फाइलें

एमडीडीए में अक्सर फाइलों की पेंडेंसी के आरोप लगते रहते हैं. कई बार संबंधित अधिकारियों व स्टॉफ के पास मौजूद फाइल मूव नहीं कर पाती है. जिस कारण विकास कार्यो के अलावा डोमेस्टिक, कॉमर्शियल मैप की फाइलों का पता नहीं लग पाता है. कई बार अधिकारियों व कार्मिकों के स्तर से आपत्तियां लग जाने के कारण लंबे समय तक फाइलें एक ही टेबल पर धूल फांकती रहती है. नए वीसी आशीष श्रीवास्तव ने इसको देखते हुए फाइलों की कलर कोडिंग की व्यवस्था को शुरू करने का निर्णय लिया. उनका कहना था पारदर्शिता अपनाए जाने के लिए प्राधिकरण में फाइलों की कलर कोडिंग जरूरी है.

तीन दिनों तक ग्रीन शो करेगी फाइल

वीसी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा है कि सभी पत्रावलियों या फाइलों की ऑनलाइन कलर कोडिंग होगी. जिससे स्पष्ट होगा कि तीन दिन तक एक टेबल पर फाइल रहती है तो वे ग्रीन शो करेगी. ज्यादा वक्त होने पर उक्त पत्रावली या फाइल ऑनलाइन रेड शो करेगी. इन रेड कलर कोडिंग वाली फाइलें सीधेतौर पर वीसी को ऑनलाइन शो हो जाएंगी. जिसके बाद पता चल जाएगा कि आखिर कितने दिन से फाइल या पत्रावली किस अधिकारी व सेक्शन के टेबल पर पड़ी है. वीसी के मुताबिक सोमवार से इसका ट्रायल शुरू हो रहा है. फाइलों के कलर कोडिंग को ऑनलाइन ऑन ट्रैक आने पर महीनेभर का वक्त लगेगा, उसके बाद यह व्वयस्था ढर्रे पर आ जाएगी.

लंबित फाइलों की रिपोर्ट आज

एमडीडीए के वीसी ने बाकायदा लंबित प्रकरणों व फाइलों पर भी डिटेल रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी है. हालांकि इस बावत उन्होंने छह नवंबर की आखिरी तारीख तय की थी, लेकिन कुछ दिक्कतों के कारण क्फ् नवंबर डेट बढ़ाई गई है. वीसी ने सेक्शनवाइज शेड्यूलिंग तैयार करने के निर्देश दिए हैं.

रीवर फ्रंट याेजना का नए सिरे से होगा मेजरमेंट

करीब क्ब्00 करोड़ रुपए की दून में बन रही रीवर फ्रंट योजना पर एमडीडीए ने नए सिरे से मेजरमेंट शुरू किया है. एमडीडीए के वीसी के मुताबिक रीवर फ्रंट योजना के निर्माण का काम उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के जिम्मे था. लेकिन राज्य सरकार ने पिछले दिनों यूपीआरएनएन को दिए गए कार्यो पर ब्रेक लगाया है. ऐसे में अब खुद ही एमडीडीए के अधिकारी नई सिरे से रीवर फ्रंट योजना पर मेजरमेंट करने पर जुटे हुए हैं.

चरणबद्ध तरीके से होगा कार्य

एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार 1400 करोड़ की इस योजना को अब फेज में तैयार करने पर विचार किया जा रहा है. इतनी धनराशि न होने के कारण एमडीडीए चरणबद्ध तरीके से कुछ कार्यो को पूरा करने के बाद राजस्व अर्जित करना चाह रहा है. जिससे राजस्व हासिल किया जा सके. प्राधिकरण का कहना है कि जैसे राजस्व हासिल होते रहेगा, वैसे योजना के बाकी कार्य होते रहेंगे. गुजरात के अहमदाबाद रीवर फ्रंट योजना की तर्ज पर मॉडल तैयार करने को लेकर प्राधिकरण जुटा हुआ है.