शहर में दिनोंदिन कूड़ा निस्तारण सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है. हालत यह है कि शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर लग रहे है. बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई सार्थक पहल नहीं कर पा रहे हैं.

कमिश्नर ने नगरायुक्त से किया जबाव-तलब

दो दिन में विस्तृत कार्ययोजना के साथ रिपोर्ट के आदेश

Meerut. कूड़ा निस्तारण पर कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान को तलब किया है. शहरभर में फैले कूड़े को हटाने में नाकाम नगर निगम प्रदेश सरकार की जमकर किरकिरी करा रहा है तो वहीं गंदगी में लोगों का जीना दूभर हो रहा है.

तलब की रिपोर्ट

गौरतलब है कि मंगतपुरम के डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण पर रोक के बाद गत 3 माह से मेरठ में कूड़ा डलावघरों और नालों में सड़ रहा है. गावड़ी स्थित डंपिंग ग्राउंड में स्थानीय जनता द्वारा कूड़ा निस्तारण पर रोक लगा देने के बाद स्थिति बद से बदतर हो गई. आलम यह है कि शहर के डलावघरों पर कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं तो शहर के विभिन्न रास्तों और सड़कों के किनारों पर नगर निगम के ट्रैक्टर कूड़ा खपा रहे हैं. शासन के संज्ञान लेने के बाद कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने नगरायुक्त से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है. कमिश्नर ने नगरायुक्त से कूड़ा निस्तारण की कार्ययोजना देने के निर्देश दिए हैं. दो दिन में डलावघरों, सड़कों के किनारों से कूड़ा हटवाने के निर्देश कमिश्नर ने नगरायुक्त को ि1दए हैं.

अब लोहियानगर में बनने लगा कूड़े का पहाड़

मंगतपुरम और गावड़ी के बाद अब नगर निगम ने हापुड़ रोड पर लोहियानगर में सड़क के किनारे ही अस्थाई डंपिंग ग्राउंड बनाकर कूडे़ का पहाड़ बनाना शुरू कर दिया है. हालात यह हैं कि पिछले तीन दिनों से शहर का 80 प्रतिशत कूड़ा लोहियानगर में एकत्र किया जा चुका है.

कूडे़ का ढेर

गत माह गावड़ी में कूड़ा डालने पर शुरू हुए विरोध के बाद निगम ने शहर में अपनी संपत्तियों की तलाश आरंभ कर दी. निगम को शहर के बाहर कूड़ा निस्तारण के लिए लोहियानगर और काली नदी के पास अपनी जमीन उपयुक्त लगी. जिसके बाद निगम ने लोहियानगर स्थिति बिना प्लानिंग कूड़ा डालना शुरू कर दिया. पिछले 15 दिनों से रोजाना 800 से 1000 मीट्रिक टन कूड़ा डालने से हापुड़ रोड कूडे़दान बनने लगी है.

जमीन को भूला निगम

निगम के पास करीब 25 साल से लोहियानगर में हजारों वर्गमीटर जमीन है, जिसका उपयोग निगम द्वारा नही किया जा रहा. इसी लापरवाही के चलते निगम की जमीन पर आसपास के ग्रामीण और प्रॉपर्टी डीलर्स ने अपना कब्जा जमा लिया. अब जब निगम ने कूडे़ के निस्तारण के लिए जमीन का उपयोग शुरू किया तो जमीन पर विवाद शुरू हो गया है. यही नहीं निगम ने जल्दबाजी में डंपिंग ग्राउंड की बाउंड्री वाल तक नहीं बनाई है, जिससे भीड़भाड़ वाली हापुड रोड पर रात-दिन आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है. जो बड़ी दुर्घटना को दावत के लिए काफी है.

ग्रामीणों का विरोध

निगम ने एक बार फिर कूड़ा निस्तारण की जल्दबाजी में गलत जगह पर डंपिंग ग्राउंड का चयन कर लिया है. लोहियानगर में बना डंपिंग ग्राउंड शहर की बाहरी सीमा के अंदर ही शामिल है. मेन रोड पर बने इस डंपिंग ग्राउंड के कारण मेन हापुड़ रोड पर भी कूड़ा फैलना शुरू हो गया है. साथ ही कूड़े से उठने वाली बदबू के कारण आसपास के अलीपुर, घोसीपुर, काजीपुर आदि गांव के लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है.

लोहियानगर में फिलहाल अस्थाई तौर पर निगम की जमीन पर कूड़ा डाला जा रहा है. प्लांट शुरू होने बाद में यहां से कूड़ा उठाया जाएगा.

अली हसन कर्नी, अपर नगरायुक्त

चंद लोगों की लापरवाही की वजह से ही निगम के डंपिंग ग्राउंड पर कब्जा हो चुका है. जिस कारण से आज निगम को यह स्थिति झेलनी पड़ रही है.

कैलाश चंदौला, अध्यक्ष, सफाई कर्मचारी एसोसिएशन