तलवार स्मृति व्याख्यान
कल मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग ऐंड फाइनैंस की ओर से एक व्‍याख्‍यान आयोजित किया गया था। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक का सबसे सफल चेयरमैन आर. के. तलवार स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम रखा गया था। आर. के. तलवार ने 1969 से 1976 तक बैंक का एक सफल नेतृत्व किया था। जिससे कल उनकी स्‍मृति में 'विकास, गरीबी एवं आर्थिक बदलाव' विषय पर यह लेक्चर दिए जा रहे थे। इस दौरान इसमें नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष अरविंद पनगढिया भी मुख्‍य रूप से शामिल थे। ऐसे में इस मौके पर अरविंद पनगढिया ने देश की अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर खास संभावनाएं जताईं। उन्‍होंने देश की नीतियों पर विश्वास जताया है कि ये विकास अगर ऐसी ही चलती रहीं तो यह देश के लिए सफलता का पर्याय बनेंगी। इतना ही नहीं भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्‍यवस्‍था के रूप में उभरेगा।

रुपये में काफी मजबूती आई

अरविंद पनगढिया ने यह भी कहा कि हम नहीं विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) सहित कई विश्लेषक यह अनुमान व्यक्त कर चुके हैं।  जिसमें साफ है कि अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। ऐसे में वर्ष 2030 तक भारत की जीडीपी 10,000 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही उन्‍होंने पिछले लगभग 10 सालों के आकड़ों पर भी नजर डाली। उनका कहना था कि वर्ष 2003-04 से 2012-13 के दशक के दौरान रुपये में काफी मजबूती आई है। जिससे डॉलर के लिहाज से रुपये ने सालाना 10 प्रतिशत की वद्धि हासिल की है। जिससे साफ है कि अगर ऐसी गति से मजबूती होती रही तो देश की अर्थव्यवस्था अगले 15 वर्ष में 8 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर (करीब 5,07,880 अरब रुपए) तक हो सकती है। जिससे भारत वर्तमान में दुनिया की तीसरे नवंबर की अर्थव्‍यवथा के रूप में मौजूद जापान को पीछे छोड़ देगा।

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