-तत्कालीन डीएम पंकज यादव के निर्देशन में तैयार हुई थी पैंठ को शिफ्ट करने की कार्ययोजना

-डीएम बदलते ही बदली कार्ययोजना, शिफ्टिंग पर टल गई है फिलहाल बात

MEERUT : सड़क पर जाम के लिए नासूर बनी अवैध पैंठ बाजारों को हटाने के लिए हाईकोर्ट का आदेश आया तो रोजी-रोटी का हवाला देकर पैंठ कारोबारियों ने विरोध शुरू कर दिया। कमिश्नर आलोक सिन्हा ने अवैध पैंठ को नियमित करने की दिशा में कड़ा प्रयास करते हुए इन्हें नौचंदी ग्राउंड में शिफ्ट कराने की योजना बनाई थी। कमिश्नर का मानना था कि रोजगार बना रहेगा तो छोटे कारोबारी विरोध करने के बजाय कारोबार में मन लगाएंगे और वर्षभर अव्यवस्था का दंश झेल रहे नौचंदी ग्राउंड को गुलजार किया जा सकेगा।

फुस्स हो गया अभियान

कमिश्नर के इस प्रस्ताव पर आलाधिकारियों में सहमति बनी और तत्कालीन डीएम पंकज यादव ने युद्धस्तर पर नगर निगम, प्राधिकरण समेत अन्य विभागों के साथ बैठककर नौचंदी ग्राउंड में पैंठ कारोबारियों को शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। योजना के तहत न सिर्फ कारोबारियों को शिफ्ट कराना था बल्कि ग्राउंड में जनसुविधाएं भी विकसित करनी थीं। नगर निगम और जिला पंचायत को ग्राउंड को डेवलप करना था। डीएम के तबादले के बाद से ही योजना ठप पड़ी है। हालांकि डीएम बी। चंद्रकला ने नए सिरे से पैंठ को शिफ्ट करने की दिशा में प्रयास शुरू किया है, नौचंदी ग्राउंड के अलावा अन्य खाली स्थानों पर भी पैंठ को शिफ्ट किया जाएगा।

विकल्प मिले तो आसान होगी राह

मेरठ में सड़क पर लगने वाली एक दर्जन से अधिक अवैध पैंठ बाजारों को हटाने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा कई बार एड़ी-चोटी का जोर लगाया गया किंतु सफलता नहीं मिली। हर बार अभियान कुछ दिन चलकर फुस्स हुआ तो वहीं दोबारा सड़क पर अवैध कारोबारी काबिज हो गए। कमिश्नर ने समस्या का स्थायी समाधान खोजा था। उनका मानना था कि यदि पैंठ को शिफ्ट करके कारोबार के लिए नियत स्थान दे दिया जाएगा तो न विरोध होगा और न ही गरीब का रोजगार छिनेगा।

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नौचंदी ग्राउंड समेत शहर के अन्य खाली स्थानों पर पैंठ को शिफ्ट करने का विचार चल रहा है। फिलहाल तो हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में पैंठ को हटाना प्राथमिकता है।

बी। चंद्रकला, जिलाधिकारी, मेरठ