भारत आयोग के निर्देश पर जनपदवार कमेटी का हो रहा है गठन

दिव्यांगों के लिए मतदान से पूर्व बूथ पर विभिन्न सुविधाएं होंगी मुहैया

Meerut. आगामी लोकसभा के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. आयोग, राष्ट्रीय मतदाता दिवस-2018 की थीम 'एसेसिबल इलेक्शन (सुगम्य निर्वाचन)' पर तेजी से काम कर रहा है. इसी क्रम में दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने व वापस ले जाने के लिए खास निर्देश हैं. मेरठ में कमेटी का गठन अंतिम स्थिति में है.

25 सदस्यीय बनेगी कमेटी

डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल ढींगरा के निर्देश पर मेरठ में 25 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जा रहा है. जिसके तहत कमेटी दिव्यांग मतदाताओं के साथ परामर्श कर उन्हें पोलिंग बूथ तक लाने व ले जाने के लिए प्रेरित करेगी. कमेटी में जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है जबकि सीएमओ, डीआईओएस, बीएसए, जिला कृषि अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को सह नोडल अधिकारी बनाया गया है. क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, जिला क्रीड़ा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, समस्त एसडीएम, समस्त एसीएम, समस्त तहसीलदार इस कमेटी में शामिल होंगे.

परामर्श देगी समिति

आमतौर पर देखा गया है कि दिव्यांग वोटर्स विभिन्न कारणों से पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंच पाते हैं. आयोग ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए परामर्श समिति के गठन का निर्णय लिया है. इस समिति का कार्य दिव्यांग वोटर को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उसकी समस्याओं का समाधान करना है. समिति विभिन्न माध्यमों से दिव्यांग वोटर्स को मतदान से जोड़ने के समय-समय पर प्रयास करेगी. जागरूकता कार्यक्रमों के संचालन के अलावा पोलिंग के दौरान पोलिंग स्टेशन पर दिव्यांगों की सुविधाओं को बहाल कराना परामर्श समिति का कार्य होगा.

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मेरठ में एक परामर्श समिति का गठन किया जा रहा है. यह समिति दिव्यांग वोटर्स को मुख्यधारा में शामिल करने के साथ-साथ वोटिंग के लिए प्रेरित करेगी. समिति में नोडल अधिकारियों, सह नोडल अधिकारियों एवं सदस्यों की भागेदारी आयोग के निर्देश पर सुनिश्चित की जा रही है.

अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी, मेरठ