लापरवाही

लाखों खर्च किए, लेकिन देखभाल नहीं की

कभी समुदायिक केंद्र था, अब 'भूत बंगला' है

- माधवपुरम के लोगों के लिए बनाया गया था सामुदायिक केंद्र

-आवास विकास की लापरवाही के कारण खंडहर में हुआ तब्दील

मनोज बेदी

मेरठ : शहर के बीचोंबीच पांच हजार वर्ग मीटर की जमीन करोड़ों की लागत से बना सामुदायिक केंद्र खंडहर में तब्दील हो गया है. आवास विकास के अधिकारी का कहना है कि इस नए सिरे से बनाने का प्रपोजल बनाकर शासन को भेज दिया गया है. शासन से पास होकर इसका दोबारा से निर्माण कराया जाएगा.

क्या है मामला

गत 17 साल पहले आवास विकास परिषद ने अपनी आवासीय कालोनी माधवपुरम सेक्टर तीन- ई ब्लाक में स्थानीय लोगों के लिए सामुदायिक केंद्र (विवाह मंडप) निर्माण करवाया था. जिसमें एक करोड़ बीस लाख रुपये की लागत आई थी.

कैसे हुआ खंडहर

सामुदायिक केंद्र की देखरेख आवास विकास के सेक्टर तीन क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर के हवाले कर दी गई. जूनियर इंजीनियर ने इसे केयर टेकर को सौंप दिया. इसके बाद इसकी हालत बिगड़ती चली गई. आवास विकास अधिकारियों की लापरवाही के चलते आसपास के लोग उसमें लगे दरवाजे, खिड़की व चौखट तक उखाड़ कर ले गए. अब यह बिल्कुल खंडहर बन चुका है.

क्यों बनाया गया था केंद्र

आवास विकास परिषद ने नियम के मुताबिक कालोनी के निवासियों के लिए इसे बनाया था. जिसमें यहां रहने वाले लोग अपने बेटियों की शादी इसमें कर सकें.

कटती थी रसीद

आवास विकास का केयर टेकर पांच सौ रुपये की रसीद काटकर इसे बुक करता था. कुछ साल तो यह बिल्कुल ठीक चला. लेकिन उसके बाद यह खंडहर में तब्दील हो गया.

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सामुदायिक केंद्र का निरीक्षण कर लिया गया है. यह पूरी तरह से खंडहर हो गया है. अब यह किसी गलती से खंडहर हुआ है. यह जांच का विषय है, लेकिन अब इसका प्रपोजल बनाकर शासन को भेज दिया है.

पीके गुप्ता, अधिशासी अभियंता आवास विकास परिषद, मेरठ