-नौ व 10 जून को डीडीयूजीयू में आयोजित रोजगार मेले में सामने आया ठगी का मामला, सेलेक्शन के बाद भी नहीं मिली ज्वाइनिंग

-चयनित युवकों ने लगाया आरोप-तय वेतन से मुकर गई कंपनी, नहीं दे रहा तय वेतन

आंकडे़ं

-मेले में कुल 11,175 यूथ्स ने किया था हिस्सा.

- 6609 बेरोजगारों को नौकरी मिली

-मेले के पहले दिन 3311 व दूसरे दिन 3298 को मिला रोजगार

-राइजिंग स्टार ने 580 का किया था सेलेक्शन

GORAKHPUR: सरकार के नारों और वादों के बीच गोरखपुर में 9-10 जून को आयोजित रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों के साथ ठगी का मामला सामने आया है. शुक्रवार को जैसे ही इसकी शिकायत सेवायोजना कार्यालय पहुंची, हड़कंप मच गया. अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते रहे. चयनित अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेले में जिस वेतन और शर्त पर बात की गई थी, कंपनी में जाने पर वो नहीं दिया जा रहा है. राजस्थान के भिवाड़ी में ज्वाइनिंग करने गए युवाओं में से लौट कर आए युवाओं ने बताया कि जिस कंपनी के लिए सेलेक्शन हुआ था. ज्वाइनिंग के लिए जब वहां गए तो बताया गया कि उक्त कंपनी में जगह नहीं है. और सस्ती दरों पर दूसरी जगह पर काम करने का दबाव बना गया. राइजिंग स्टार कंपनी ने डीडीयूजीयू के रोजगार मेले में से 580 युवकों का चयन किया, जिनमें से 466 को कंसर्न लेटर मिले. इसमें आधे से अधिक अभ्यर्थी घर लौट आए हैं.

ज्वाइनिंग लेटर और ठहरने का लिया पैसा

राइजिंग स्टार कंपनी द्वारा चयनित लड़कों में से 21 ने कंपनी के हालत देखकर ज्वाइनिंग करने से मना कर दिया है. साथ ही सेवायोजन कार्यालय में क्षेत्रीय अधिकारी अखंड प्रताप सिंह को सभी मामलों से अवगत करा दिया है. आरोप लगाया कि भिवाड़ी पहुंचते ही 200 रुपए ज्वाइनिंग लेटर के और 800 रुपए रहने की व्यवस्था के नाम पर जमा करा लिए गए. लेकिन जिस कमरे में ठहराया गया था वहां पूरे कमरे में पानी भरा था और खाने-पीने का भी कोई इंतजाम नहीं किया गया था. तीन दिन रहने के बाद भी वहां के हालात ठीक नहीं हुए. दोबारा इंटरव्यू लेने के बाद भी हमें ज्वाइनिंग नहीं कराया गया.

तय वेतन से भी पलट गए

सेवायोजन कार्यालय में शिकायत करने आए अभ्यर्थियों ने बताया कि डीडीयूजीयू में हमें 12 घंटे के काम का 13808 रुपए सैलेरी और ओवर टाइम देने का वादा किया गया था. हमारी ज्वाइनिंग मदरसन कंपनी में होनी थी लेकिन जब हम ज्वाइन करने पहुंचे तो बताया कि इस कंपनी में जगह फुल हो चुकी है और दूसरी कंपनी में ज्वाइन कर लो. यहां ज्वाइन करने पर 8 घंटे की सैलरी 7200 रुपए बिना ओवर टाइम के भुगतान की थी. साथ में यह चेतावनी दी गई कि 3 महीने काम करने के बाद ही वेतन का भुगतान किया जाएगा.

केस-1

बृजेश कुमार चौरसिया का डीडीयूजीयू के रोजगार मेले में जब सेलेक्शन हुआ तो पूरे परिवार ने खुशी मनाई. 12वीं पास कर इलेक्ट्रीशियन ट्रेड से बृजेश ने आईटीआई कम्पलीट किया था. सेलेक्ट करने वाली कंपनी ने औपचारिकताएं पूरी करने के लिए लखनऊ बुलाया था. फिर वहीं से उन्हें आठ अन्य युवकों के साथ राजस्थान के भिवाड़ी में मदरसन कंपनी में ज्वाइन करने के लिए भेज दिया. रास्ते में आने-जाने और सैलेरी मिलने के खर्चो के लिए मजदूर पिता ने अपने परिचितों से छह हजार रुपए लिए थे. बृजेश सहित सभी अभ्यर्थियों से पैसे लेने के बाद भी बेहद गंदे कमरे में ठहराया गया था. दोबारा इंटरव्यू लेने के बाद भी तीन दिनों तक किसी की ज्वाइनिंग नहीं कराई गई. इस कारण वापस लौटना पड़ा.

केस-2

12वीं के बाद डिप्लोमा करने वाले अवनीश यादव को जब डीडीयूजीयू में आयोजित रोजगार मेले में नौकरी मिल गई तो खुशी का ठिकाना नहीं था. इंटरव्यू के दौरान उसे बताया गया कि सैलेरी के तौर पर उसे हर महीने 13,800 रुपए मिलेंगे. साथ में ओवर टाइम भी. लेकिन ज्वाइनिंग से पहले ही उन्हें साथ में इंटरव्यू देने वाले एक दोस्त का फोन आया कि यहां मत आना, नौकरी नहीं कर पाओगे. अवनीश ने इसे नजरअंदाज कर दिया. रोजगार मुहैया कराने वाली कंपनी के दावों के विपरीत तमाम परेशानियां झेलने के बाद जब वह ज्वाइनिंग से लिए पहुंचा तो उसे बताया गया कि उसकी सैलरी 7200 ही होगी. काम के हालत और वेतन देखकर अवनीश दोस्तों के साथ घर लौट आया.

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बच्चों की शिकायत सुनी है और निवारण का आश्वासन दिया है. कंपनी को साफ समझा दिया गया है कि यदि बच्चों से जमा कराया पैसा नहीं दिया गया तो कार्यवाही होगी.

अखंड प्रताप सिंह, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी

कुछ अनियमितताएं हुई हैं. लड़कों की शिकायत पर मैंने कंपनी के एमडी से बात की है और उसने दोबारा ऐसा नहीं होने का आश्वासन दिया है.

अंशुमान श्रीवास्तव, एजेंट राइजिंग स्टार