- नई उम्मीद के रूप में नगमा को मैदान में उतरा था

- भारी पड़ गया वरिष्ठ नेता दयानंद गुप्ता का टिकट कटना

Meerut: लोकसभा चुनाव का परिणाम सामने आ चुका है। लोगों के कुछ आकलन सटीक बैठे हैं, जबकि कुछ उम्मीदों पर पानी फिर गया। इस बार सबसे ज्यादा आघात कांग्रेस को लगा है। क्म् वीं लोकसभा के चुनाव मैदान में कांग्रेस ने पहले अपने वरिष्ठ नेता दयानंद गुप्ता का टिकट घोषित किया। इसके कुछ घंटे बाद ही सिने तारिका नगमा को चुनाव मैदान में उतार दिया। नगमा का नाम घोषित होते ही मेरठ का चुनावी पारा भी ऊपर पहुंचा। लेकिन शुक्रवार को चुनाव परिणाम ने राजनीति के दिग्गजों को चौकाने के साथ मंथन पर भी मजबूर कर दिया।

भीड़ उमड़ी, वोटर नहीं

नगमा का नाम मेरठ से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में घोषित होने के साथ चुनाव में काफी गर्मी आ गई। नगमा जब भी मेरठ आई, शहर की सड़कों पर जाम लगा। चुनाव प्रचार हो या रोड शो, नामांकन हो जनसभा भीड़ जुटाने के मामले में नगमा अन्य प्रत्याशियों पर भारी ही पड़ती दिखी। लेकिन चुनाव नतीजों ने भीड़ जुटाने और भीड़ को वोट में बदलने की कला की पोल खोल दी।

कलह ने कराया बंटाधार

नगमा से पहले दयानंद गुप्ता को प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस ने मैदान में उतारा था। लेकिन कुछ घंटों के बाद ही प्रत्याशी को बदल कर फिल्म अभिनेत्री नगमा को मैदान में उतारा गया। इससे कांग्रेस का एक वर्ग काफी नाराज हो गया। चुनाव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नाराजगी और अंतर्कलह कई बार सामने भी आई। कई बार अपनों को मनाने में नगमा चुनाव प्रचार भी ठीक से नहीं कर सकी। इसका खामियाजा भी उन्हें उठाना पड़ा।

फीका रहा जादू

सिने तारिका नगमा का नाम कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में घोषित होने के बाद मेरठ वेस्ट यूपी की कांटे की टक्कर वाली सीट मानी जाने लगी थी। लेकिन चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद चुनाव का रूख बदलने लगा। उधर, नगमा का स्टारडम भी भीड़ को वोट में बदलने में नाकाम ही रहा।