- गोमती नगर विस्तार में चेकिंग के दौरान सिपाही ने 'एप्पल' के एरिया मैनेजर को गोली से उड़ाया

- गाड़ी नहीं रोकने पर बिफरे सिपाही ने सर्विस पिस्टल से मारी गोली

- दोनों आरोपी सिपाही अरेस्ट, भेजे गये जेल, बर्खास्त भी

- डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश, आईजी के नेतृत्व में एसआईटी भी गठित

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LUCKNOW : गोमतीनगर विस्तार इलाके में शुक्रवार देर रात एप्पल मोबाइल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की चीता मोबाइल पर सवार सिपाहियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. असल में लोगों की सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस की इस करतूत से पूरी राजधानी जैसे सकते में आ गई. पॉश इलाके में सभ्रांत नागरिक के साथ हुई इस घटना ने हर आम आदमी को झकझोर दिया. 'ऑउट ऑफ आर्डर' हो चुकी पुलिस की करतूतें यहीं पर खत्म नहीं हुई और रात से ही आरोपी सिपाहियों को बचाने का खेल शुरू हो गया. विवेक की हत्या से नाराज लोगों ने जब अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर उतारना शुरू किया तो आला अफसरों के सुर भी हर घंटे बदलने लगे. चंद घंटों पहले तक प्रत्यक्षदर्शी का 'नजर बंद' और परिजनों पर दबाव बनाने वाले पुलिस और प्रशासन के अफसर ने देर शाम उनकी मांगें मान ली जिसके बाद सुबह आठ बजे विवेक के शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया जा सका. वहीं दोनों आरोपी सिपाहियों पर हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई.

गाड़ी नहीं रोकी तो सांसें रोक दी
एप्पल में एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी शुक्रवार रात तकरीबन 1.30 बजे कंपनी का काम खत्म कर महिला सहकर्मी सना के साथ घर लौट रहे थे. गोमतीनगर विस्तार में सीएमएस स्कूल के पास दो सिपाहियों ने चेकिंग का हवाला देकर उनकी गाड़ी रोकने का प्रयास किया. सूनसान जगह होने की वजह से विवेक ने गाड़ी बढ़ा दी. इस पर नशे में धुत सिपाही प्रशांत चौधरी ने सरकारी पिस्टल से गाड़ी पर फायर कर दिया. गोली सीधे विवेक के चेहरे में जा धंसी. यह देख दोनों पुलिसकर्मी वहां से भाग गये. गोली लगने के बावजूद विवेक करीब तीन सौ मीटर गाड़ी लेकर गये पर शहीद पथ के अंडरपास के खंभे से टकरा गये. सना ने ट्रक ड्राइवर्स से मदद भी मांगी पर किसी ने उसे फोन नहीं दिया. बाद में मौके पर आई पुलिस की मदद से विवेक को लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने सना की तहरीर पर दोनों सिपाहियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली और उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. मृतक विवेक के परिजनों हत्या के विरोध पर शव रखकर प्रदर्शन किया. वह मौके पर सीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे.

लांचिंग प्रोग्राम से घर लौट रहे थे
मूल रूप से सुल्तानपुर निवासी विवेक तिवारी (38) एप्पल मोबाइल कंपनी में लखनऊ रीजन के एरिया सेल्स मैनेजर के पर तैनात थे. विवेक के परिवार में पत्नी कल्पना, दो बेटी शिवी (12) और शानू (6) हैं. विवेक के सहकर्मी पीजीआई निवासी पंकज ने बताया कि शुक्रवार को एप्पल कंपनी के मोबाइल की लांचिंग थी. विवेक अपने सभी कर्मचारियों के साथ विभूतिखंड स्थित एसवी इंटरप्राइजेज कंपनी में मौजूद थे. रात 12.30 बजे तक सहकर्मियों के साथ मीटिंग और रिपोर्ट तैयार कर रहे थे. करीब 1 बजे के बाद वह घर जाने के लिए निकले थे. रात ज्यादा होने पर सहकर्मी सना को उन्होंने घर छोड़ने के लिए कहा और वह गोमती नगर विस्तार होते हुए निकले थे.

परिवार को गलत सूचना दी पुलिस ने
घर आने में देर होने पर विवेक की पत्नी कल्पना लगातार उसने मोबाइल पर कॉल कर रही थी. रात करीब 3.30 बजे मोबाइल को लोहिया अस्पताल के एक कर्मचारी ने उठाया और उसे एक्सीडेंट की सूचना दी. यह सुनकर पूरे परिवार के होश उड़ गये और वे लोहिया अस्पताल पहुंचे पर तब तक विवेक ने दम तोड़ दिया था. काफी देर तक पुलिस ने घटना के बाबत कल्पना को कोई जानकारी नहीं दी. पूछे जाने पर बताया कि उनके पति आपत्तिजनक हालत में कार में मिले थे.

आनन-फानन में दर्ज की गई एफआईआर
सना का कहना है कि हॉस्पिटल से पुलिस उसे थाने लेकर आई और अपने अनुसार तहरीर लिखवा कर दोनों सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की. जिसके बाद सुबह 6 बजे पुलिस ने उसे महिला पुलिस कर्मियों की देख रेख में उसके किराए के मकान गोमती नगर स्थित विनय खंड में भेज दिया. जिसके बाद उसे करीब 8 घंटे तक पुलिस की निगरानी में रखा गया और किसी से मिलने तक नहीं दिया गया.

शव रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
एरिया सेल्स मैनेजर की हत्या के बाद पुलिस ने आनन-फानन में उसके शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया. हत्या से नाराज परिजनों ने आकाश गंगा अपार्टमेंट परिसर में शव रखकर प्रदर्शन किया. उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ को मौके पर बुलाने की मांग की. परिजनों की मांग को लेकर कई घंटे तक आला अफसरों में पंचायत चलती रही. जिसके बाद दोपहर में आईजी, डीएम, एसएसपी और मंत्री आशुतोष टंडन भी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को आश्वासन देकर शांत कराने का प्रयास किया.

मजिस्ट्रेटी जांच और एसआईटी का गठन
परिजनों की सीआईबी से मांग को लेकर हरकत में आई जिला प्रशासन और पुलिस के मुखिया ने परिजनों की सीबीआई जांच की मांग को मंजूर कर लिया है. डीएम कौशल राज शर्मा ने अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ को घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए तो वहीं डीजीपी ने आईजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिया.

सात घंटे बाद मेडिकल
विवेक की हत्या आरोपी गोमती नगर में तैनात 16 बैच के सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ गोमती नगर थाने में सुबह 5 बजे केस दर्ज हो गया, जबकि अपने आप को बचाने के लिए सुबह 9.30 बजे लोहिया अस्पताल में अपना मेडिकल कराने पहुंचे. उनका कहना था कि कार सवार विवेक ने उनकी चीता मोबाइल बाइक को रौंदने का प्रयास किया. जिसके चलते बचाव में उन्होंने फायरिंग की. गोली चलाने वाले सिपाही प्रशांत मलिक की पत्नी भी सिपाही है और उसका कहना है कि प्रशांत ने रात में भी अपने साथ हुए हादसे की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने उनका केस नहीं दर्ज किया.

25 लाख रुपये, नगर निगम में नौकरी देगी सरकार
दिन भर चली मान-मनौव्वल के बाद देर शाम विवेक तिवारी के परिजनों को मनाने में प्रशासन सफल रहा. डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने परिजनों से बातचीत के बाद मीडिया को बताया कि घटना की जांच सीबीआई से कराने की परिजनों की मांग को मंजूर कर लिया गया है. इसके अलावा आर्थिक सहायता की राशि दस लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गयी है. विवेक की पत्नी को नगर निगम में नौकरी दी जाएगी. जिसकी प्रक्रिया एक महीने के अंदर पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने बताया कि परिजनों ने सुबह आठ बजे बैकुंठ धाम में विवेक के शव का अंतिम संस्कार कराने का भरोसा दिया है.

टाइम लाइन -

- 6 बजे शुक्रवार लखनऊ में श्रीराम टॉवर पर मोबाइल लांचिंग प्रोग्राम

- 8 बजे अपनी एसयूवी से अन्य दुकानों पर सेल्स का निरीक्षण किया

- 10 बजे सहकर्मियों के साथ लांचिंग रिपोर्ट के संबंध में मीटिंग विभूतिखंड में

- 11.30 बजे पत्नी कल्पना से बात करते हुए कहा कि वह लांचिंग का काम खत्म कर रहे हैं

- 1 बजे अपनी पत्नी को कॉल करके बताया कि वह जल्द ही घर पहुंच रहा है

- 1.30 बजे उनकी एसयूवी एक पुलिस पेट्रोलिंग बाइक से टकराती है और कांस्टेबल उस पर गोली मारता है

- 2 बजे पुलिस टीम पहुंची घटनास्थल पहुंची

- 2.15 बजे पुलिस टीम घायल विवेक लोहिया अस्पताल लेकर गई

- 3 बजे लोहिया हॉस्पिटल के कर्मचारी ने पत्नी को सूचना दी कि उनका एक्सीडेंट हो गया और उसका इलाज चल रहा है

- 3.30 बजे पत्नी, परिवार के सदस्य के साथ अस्पताल पहुंची, तब तक विवेक की मौत हो चुकी थी

- 4 बजे सीनियर पुलिस अफसर थाने और क्राइम स्पॉट पर पहुंचे

- 4.57 बजे महिला सहकर्मी साना खान की शिकायत पर गोमतीनगर नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की

- 9.30 बजे दोनों आरोपी पुलिस कर्मियों ने लोहिया हॉस्पिटल में मेडिकल कराया