-बेहतरीन होटल, यातायात की शानदार सुविधा व मनोरम प्रकृति ने किया आकर्षित

-टेलीकॉम, फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, रीयल इस्टेट, कंपनियों की सेल्स मीट, डीलर्स मीट का सुंदर डेस्टिनेशन बनी रांची

-बिहार में शराबबंदी के कारण भी शादी-विवाह रांची में शिफ्ट होने लगे हैं

सबसे ज्यादा पर्यटक बिजनेस क्षेत्र से
राजधानी के ट्रेवेल एक्सपर्ट की मानें तो रांची और झारखंड में कॉरपोरेट टूरिज्म का सबसे बड़ा कारण है बिजनेस. करीब 33 फीसदी टूरिज्म बिजनेस आधारित है. इसके बाद 25 फीसदी पर्यटन धार्मिक होता है. वह भी सिर्फ देवघर और पारसनाथ की वजह से टूरिस्ट दर्शनार्थी आते हैं. छुट्टियों के लिए सिर्फ 15 प्रतिशत लोग ही आते हैं. इसके अलावा सामाजिक कायरें के लिए आने वाले 18 प्रतिशत लोग होते हैं. शेष कायरें के लिए आने वालों का प्रतिशत 9 फीसदी है.

सरकारी नीतियों से भी बढ़ा टूरिज्म
बीते तीन सालों में राज्य सरकार ने उद्यमियों के लिए नीतियों में जो बदलाव किया है, उस वजह से कॉरपोरेट सेक्टर का रूझान झारखंड की ओर बढ़ा है. टूरिज्म सेक्टर में उत्तरोत्तर वृद्धि का कारण मोमेंटम झारखंड की भूमिका भी है. सरकार की सरल नीतियां और श्रम नीतियों में बदलाव ने राज्य की छवि को बदलने का काम किया है.

बिहार की शादियां झारखंड में शिफ्ट
बिहार में शराबबंदी के बाद झारखंड के होटल व्यवसाय में भी उछाल आया है. पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में होने वाली रॉयल शादियां अब रांची में हो रही हैं. बिहार में शराबबंदी के बाद शादियों में शराब पीने के ख्वाहिशमंदों के लिए झारखंड सेफ जोन बन गया है. मीडिल क्लास फैमिली भी शादी जैसे कार्यक्रमों के लिए बिहार से सटे सीमावर्ती जिलों का चयन कर रहे हैं.

क्या कहते हैं एक्सप‌र्ट्स
ये सच है कि सर्विस और हॉस्पीटैलिटी सेक्टर में उछाल आया है. होटल व्यवसाय में कॉरपोरेट टूरिज्म बढ़ा है. बड़ी-बड़ी कंपनियां इवेंट के लिए रांची को प्राथमिकता दे रही हैं. इसकी दो वजह है, पहला तो मार्केट और दूसरा इवेंट आयोजन करने वाली कंपनियों की तादाद बड़ी है. इसके अलावा कॉरपोरेट निवेश के कारण इंडस्ट्री भी लग रही हैं, तो जाहिर है कॉरपोरेट टूरिज्म बढे़गा ही.
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पवन जायसवाल, सीईओ, आका ट्रैवल्स

कॉरपोरेट टूरिज्म के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी टूरिज्म बढ़ा है. रांची एक ऐसा डेस्टीनेशन बन चुका है, जहां संभावनाओं के नित नए द्वार खुल रहे हैं. सरकार ने भी नीतियों में बदलाव किया है, वहीं औद्योगिक निवेश को लेकर उद्योग जगत की सोच में भी बदलाव आया है, जिस वजह से कॉरपोरेट टूरिज्म पहले से बेहतर हो रहा है.
-आशीष भाटिया, होटल व्यवसायी

मैंने हाल ही में रांची के होटल से अपनी भांजी के तिलक की रस्म अदा की है. देवघर मधुपुर से हम सपरिवार रांची आये और पटना से लड़का पक्ष के लोग आए. चूंकि वहां शराब बंद है, इसलिए वर पक्ष की जिद थी कि शादी के सभी कार्यक्रम रांची में ही संपन्न हों. अब शादी की तारीख तय होते ही रांची में वेन्यू बुक किया जाएगा.
-गौरीशंकर सिंह, मधुपुर