एनओसी देने के लिए मांगी थी 50 हजार की रकम

DEHRADUN: एनओसी जारी करने के नाम पर ख्भ् हजार की रिश्वत लेते रुड़की के अग्निशमन अधिकारी को दून विजिलेंस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के बाद विजिलेंस आरोपी को लेकर देहरादून आ गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. विजिलेंस एफएसओ की संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मन्नाखेड़ी गांव निवासी संजय कुमार गांव में ही स्पायटा आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी लगा रहे हैं. संजय कुमार ने क्ख् जुलाई ख्0क्7 को ¨सगल विंडो क्लीयरेंस के जरिये फायर की एनओसी प्राप्त करने के लिए भी आवेदन किया था. आरोप है कि करीब साढ़े तीन माह तक इस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद संजय ने एक बार फिर ख्8 अक्टूबर को ऑनलाइन आवेदन किया. बीते तीन नवंबर को संजय कुमार के मोबाइल पर रुड़की फायर स्टेशन अधिकारी बृजलाल डबराल ने फोन कर बताया कि उनकी एनओसी की फाइल उसके पास आई है. अगले दिन फैक्ट्री मालिक बृजलाल डबराल से मिलने के लिए उनके कार्यालय में आए. आरोप है कि यहां एनओसी जारी करने के नाम पर ख्भ् हजार की रकम मांगी गई. यह सुनकर फैक्ट्री स्वामी वापस आ गया. एफएसओ ने क्फ् नवंबर को तीन बजे फैक्ट्री का निरीक्षण करने को कहा. यहीं पर उसने ख्भ् हजार की रकम लेकर आने को कहा. जिस पर पीडि़त ने इसकी शिकायत विजिलेंस से कर दी. शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाते हुए पीडि़त को ख्भ् हजार की रकम देकर भेज दिया. सोमवार की शाम को जब फायर स्टेशन अधिकारी ने जैसे ही ख्भ् हजार की रिश्वत ली तो वहां पर पहले से ही मौजूद विजिलेंस की टीम ने उसे धर दबोचा. टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की. बृजलाल डबराल पुत्र पीताबंर दत्त निवासी सुंदरवाला रायपुर देहरादून के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.