क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सरकार ने भले ही स्टाम्प की कालाबाजारी रोकने के लिए ऑनलाइन सर्विस शुरू कर दी है, लेकिन यह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है. जी हां, कॉमन सर्विस सेंटर(प्रज्ञा केंद्र) करप्शन के अड्डा बन चुके हैं. इसका खुलासा बुधवार को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ. विकास भवन स्थित कॉमन सर्विस सेंटर में 20 रुपए के स्टांप पेपर के लिए 50 रुपए वसूले जा रहे हैं. पूछने पर काउंटर पर बैठी महिला ने बताया कि चार साल से यहां काम कर रही हूं, लेकिन वेतन नहीं दिया जाता है. इसलिए निर्धारित दर के अलावा पैसे की मांग आवेदकों से की जाती है.

ऐसे हो रही है वसूली

राज्य सरकार ने जाति, आय तथा आवासीय सहित करीब 150 सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए सूचीबद्ध किया है. साथ ही स्टांप की कालाबाजारी को रोकने के लिए भी ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू की है. लेकिन कॉमन सर्विस सेंटर में सभी प्रमाण पत्रों को बनाने के नाम पर निर्धारित दर से ज्यादा वसूली की जा रही है. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने सिटी के विकास भवन स्थित सीएससी का जायजा लिया. हमारे संवाददाता ने रेंट एग्रीमेंट के लिए 20-20 रुपए के दो स्टांप के लिए 100 रुपए का कैश भुगतान किया. जब संवाददाता ने पूछा कि आपने रसीद 40 रुपए की ही दी है, फिर 100 रुपए क्यों दूं. इस पर काउंटर पर बैठी महिला ने कहा कि हमें तनख्वाह नहीं मिलती है.

डीजे आईनेक्स्ट के रिपोर्टर से काउंटर पर बैठी महिला की बातचीत

रिपोर्टर: 20-20 रुपए के दो स्टांप तो 40 होते हैं, फिर 100 रुपए क्यों मांग रही हैं?

जवाब: जीएसटी मिला कर 20 रुपए के स्टाम्प पर 28 रुपए कटता है. हम सौ ले रहे हैं, तो गलत कहां कर रहे हैं.

रिपोर्टर: अगर 28 रुपए लग रहा है, तो 50 क्यों मांग रही हैं?

जवाब- मेरा चार्ज नहीं दीजिएगा, क्या.

रिपोर्टर: आपको पेंमेंट नहीं मिलता है इस काम के लिए क्या?. सीएससी सरकार बनाई है तो तनख्वाह देती ही होगी?

जवाब: नहीं, एक रुपया नहीं मिलता है. अगर विश्वास नहीं है तो किसी से पूछ लीजिए. हम लोगों को कुछ भी सैलरी नहीं मिलती है, खुद मैनेज करना पड़ता है. बोर्ड से भी 3500 रुपए मिलने वाला था वो भी नहीं मिला.

रिपोर्टर:आपको कितने दिनों से पेंमेंट नहीं मिला है?

जवाब: कुछ नहीं मिलता है. 2007 में भी खोले थे, लेकिन तब भी एक रुपया नहीं मिला. चार साल हो गया एक रुपया नहीं मिला है. जो आपलोगों को सेवा देते हैं, बस वही मिलता है.