BAREILLY

: बरेली कॉलेज में भ्रष्टाचार मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा विभाग को अब तक निदेशालय के लीगल सेल से कानूनी सलाह नहीं मिल पाई है. इसलिए भ्रष्टाचार में फंसे प्रबंधन और शिक्षकों पर कार्रवाई की प्रक्रिया अटकी है. उम्मीद जताई जा रही है कि 15 दिसंबर तक कानूनी राय मिल जाएगी. पिछले दिनों कमिश्नर ने बरेली कॉलेज में गड़बड़ी की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में जांच कराई थी.

पांच सदस्यीय समिति ने की जांच

पांच सदस्यीय जांच समिति ने कॉलेज में करीब महीने भर तक पड़ताल की. निर्माण, आमदनी और खर्च से जुड़े दस्तावेज जब्त कर उनका अध्ययन किया. तब सामने आया कि कॉलेज प्रबंधन ने दो करोड़ का निमार्ण बगैर टेंडर निकाले कराया है. दूसरी ओर जो 50 लाख रुपए खर्च किए हैं. उस खर्च के रिकॉर्ड भी पुख्ता नहीं हैं. इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराएं. हालांकि मुकदमा दर्ज कराने में पेंच यह फंस गया कि किन धाराओं में और किसी दोषी बनाया जाए. इसके लिए राज्य उच्च शिक्षा निदेशालय के विधि विभाग से उच्च शिक्षा अधिकारी ने कानूनी सलाह मांगी है.

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वर्जन

-निदेशालय के लीगल सेल से कानूनी राय मांगी है. जल्द ही उनकी रिपोर्ट मिलेगी. उसके बाद कार्यवाही की जाएगी.

डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी