BAREILLY:

हरी सब्जियां ठंड में भी शहरवासियों को गर्मी का अहसास करा रही हैं। पत्तेदार को छोड़ दिया जाए तो बाकी हरी सब्जियां के दाम आसमान छूने लगे हैं। मुफ्त में मिलने वाली धनिया और मिर्च के लिए रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में हरी सब्जियों के दाम में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, महंगाई की इस मार से थोड़ी समझदारी दिखाते हुए बचा जा सकता है। सब्जियों की मंडी और शेयरिंग में खरीदारी कर थोड़ी बहुत आर्थिक बचत की जा सकती है।

 

महंगी होने लगी हरी सब्जियां

जिले में 9960 हेक्टेयर में हरी सब्जियां उगाई जाती हैं। खरीफ, रवी व जायद को मिला कर लगभग 21 लाख टन हरी सब्जियां की पैदावार किसान करते हैं। इस समय आलू, मटर और टमाटर बाहर से आ रहे हैं। जिसकी वजह से इन पर महंगाई की मार और अधिक है। सब्जी विक्रेताओं की मानें तो इस समय बींस, टमाटर, प्याज, अदरक, भिंडी, बैंगन, तोरई, लहसुन, अदरक और खीरा के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, गोभी, पालक, मेथी पत्ता, हरी धनिया और हरी मिर्च के के दाम में थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है। क्योंकि, इनकी पैदावार लोकल किसानों के यहां होने लगी है। साथ ही यह मौसम भी इन सब्जियों के लिए अनुकूल है।

 

नहीं दे रहे हैं घलुआ

मार्केट में इस समय आलू बेंगलुरु से आ रहा है। वहीं मटर उत्तराखंड और टमाटर व प्याज नासिक से आ रहा है। ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ने की वजह से इनके दाम पर भी इफेक्ट पड़ रहा है। ओवरलोडिंग पर लगाम लगना भी हरी सब्जियों के दाम में इजाफे का एक बहुत बड़ा कारण है। दिवाली से पहले और वर्तमान में सब्जियों के दाम 10 से 20 रुपए प्रति केजी बढ़े हैं। सब्जी विक्रेता पहले जहां हरी साब्जियों के खरीदने पर थैले में धनियां, मिर्च मुफ्त में डाल देते थे। वहीं अब नखरे दिखाने लगे हैं।

 

समझदारी से आर्थिक बचत

हालांकि, महंगाई की इस मार से थोड़ी समझदारी दिखाते हुए बचा जा सकता है। आढ़ती से हरी सब्जियां खरीदने की बजाय मंडी से हरी सब्जियां खरीद सकते हैं। इतना ही नहीं आपके आस-पास रहने वाले पड़ोसियों से शेयरिंग की जा सकती है। थोक में हरी साब्जियों के लेने से काफी सस्ती पड़ेंगी। फिर, उसे आपस में शेयर कर लीजिए।

 

 

शहर में सब्जी मंडी और बिजनेस

- डेलापीर, श्यामगंज, बीआई बाजार, नगर निगम, कुतुबखाना सब्जी मंडी, सिटी सब्जी मंडी।

- 400 से अधिक होल सेलर और रिटेलर।

- 3 करोड़ रुपए से अधिक हर महीने का है टर्नओवर

 

 

सब्जियां और दाम

हरी सब्जियां - पहले - अब

बींस - 60 - 80

टमाटर - 30 - 50

लहसुन - 60 - 80

खीरा - 25 - 40

भिंडी - 30 - 40

अदरक - 60 - 80

बैंगन - 20 - 30

तोरई - 20 - 30

----------------------------

नोट - दाम दिवाली से पहले और अब का है। दाम में दिन के हिसाब से अंतर हो सकता है।

 

 

हरी सब्जियों के दाम में काफी बढ़ोतरी हुई है। मटर और आलू बाहर से आ रहे हैं। अदरक, टमाटर, प्याज और खीरा के दाम काफी बढ़े हैं।

सुनील, सब्जी विक्रेता

 

सब्जियों के दाम बढ़ने से कस्टमर कम सब्जियां खरीद रहे हैं। पत्तेदार सब्जियों के दाम थोड़ा कम है, लेकिन बाकी सब्जियों के दाम में 20 रुपए प्रति केजी तक बढ़ोतरी हुई है।

अख्तर रजा, सब्जी विक्रेता

 

बीते कुछ दिनों में हरी सब्जियों के दाम में काफी इजाफा हुआ है। समझ में नहीं आता है, कि महीने का बजट कैसे कंट्रोल किया जाए।

निधि सिंह, ओल्ड सिटी

 

महंगाई के चलते हरी सब्जियां मंगाना कम कर दिया है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। एक मध्यम वर्गीय कैसे मैनेज करेगा।

वंदना सिंह, रोहली टोला

 

हरी सब्जियां इतनी महंगी हो गई है कि मैनेज करना मुश्किल हो गया है। घर का पूरा बजट बिगड़ गया है। एक ही सब्जी शहर में अलग-अलग दाम में बिक रही है।

पूजा शर्मा, प्रेमनगर

 

मैं मंडी से ही हरी सब्जियां मंगाती हूं। काफी सस्ती पड़ जाती है। किसी कारणवश मंडी जाना नहीं होता है, तो आढ़ती और ठेले वाले से ही सब्जी खरीदनी पड़ती है। जो काफी महंगी पड़ती है।

सुचिता गुप्ता, सिंधु नगर