लुट गया लड्डू और पानी
रुद्रपुर की खाट सभा में आमंत्रित किसानों में बांटने के लिए पानी और लड्डू की भी व्यवस्था की गई थी. इसके लिए जिम्मेदारों ने करीब 40 किग्रा लड्डू और पीने के लिए करीब सौ गत्ते पानी मंगवाए थे. राहुल के जाते ही एक तरफ जहां खाट लूटने की होड़ लग गई, वहीं दूसरी तरफ भीड़ ने वहां मिल रहे लड््डू और पानी की बोतलों पर भी हमला बोल दिया. कई लोगों ने तो ऐसे लड्डू निकाले जैसे वह रैली में नहीं बल्कि लूट-पाट ही करने आएं हों.

टूट भी खटिया
सभा में किसानों के साथ कांग्रेसियों की जबरदस्त भीड़ थी, जो पहले से खाट पर कब्जा जमाए बैठे थे. आगे बिछाई गई कुछ खाटों पर ही चुनिंदा किसानों को बैठाया गया था, जबकि बीच से लेकर पीछे तक की खाटों पर भीड़ का कब्जा था. कुछ लोग पीछे की खाटों पर बैठे थे तो काफी लोग उस पर खड़े भी हो गए. इस कारण दर्जनों खटिया भीड़ के दबाव में टूट गई. संचालक राजेश मिश्र बार-बार लोगों से बैठने का अनुरोध कर रहे थे, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ. सभा में आए काफी लोग राहुल को सुनने के साथ घटिया के जुगाड़ में जुटे थे.

नाराज दिखे गुलाम नबी आजाद
रुद्रपुर की खाट सभा में अव्यवस्था देखकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद खासे नाराज दिखे. उन्होंने कई पदाधिकारियों से इस बारे में अपनी नाराजगी व्यक्त की. उन्हें इस बात का भी मलाल था कि खाट सभा में खाट पर किसानों की बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ बैठ गई थी. वहीं पचलड़ी गांव में उन्होंने पांच किसानों के घरों में जाकर किसान यात्रा की शुरुआत की, लेकिन प्रचार के अनुरूप वह दलित बस्ती में नहीं पहुंच सके. इस कारण दलित बस्ती की महिलाओं ने नाराजगी जताई.

इसमें राहुल का क्या दोष
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ल राहुल की किसान महायात्रा को नई शुरुआत बताते हैं. वह कहते हैं कि यात्रा का मकसद किसानों की उन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाना है, जो सरकार की प्राथमिकता से बाहर हो गई हैं. इसमें राहुल कामयाब हुए हैं. यात्रा की शुरुआत अच्छी है. जनता का भरपूर समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि खाट सभा से कोई खाट उठा ले जाए तो इसमें राहुल का क्या दोष है. वह तो जिस मकसद से आए हैं उसे पूरा कर रहे हैं.