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LUCKNOW : श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के फील्ड ऑफीसर ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 10 ट्रकों पर फाइनेंस करा के 59.55 लाख रुपये डकार लिये. शातिरों ने पहले फर्जी दस्तावेज तैयार कर आरटीओ से ट्रकों का रजिस्ट्रेशन कराया और फिर बैंक से लोन ले लिया. यहीं नहीं दो से तीन महीने तक लोन की किश्त भी भरी. यहां शातिर कोई और नहीं बल्कि कंपनी के दस कर्मचारी थे. जिनके खिलाफ हुसैनगंज थाने में ठगी की एफआईआर दर्ज कराई गई है.

कंपनी के कर्मचारियों ने बुना ताना-बाना

कंपनी के बिजनेस हेड बीएन द्विवेदी ने बताया कि कुछ माह पहले उनके द3तर में रवि रंजन निवासी मेहुरा बगाहा चंपारण बिहार निवासी फील्ड ऑफीसर के पद पर कार्यरत था. उसने अपने साथी अनिल दीक्षित, अमित चौधरी, नीरज, देबू, गगन अमित जैन, अशर कश्यप, हर्ष कुमार समेत 10 लोगों के साथ मिलकर 10 ट्रकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन करा लिया. उसके बाद ट्रकों पर 59 लाख, 55 हजार रुपये लोन ले लिया. आरोपितों ने कैसरबाग और नाका स्थित बैंक ऑफ इंडिया में फर्जी नाम पते, पैन कार्ड के आधार पर खाता खुलवाया. दो-तीन किश्त जमा की. इसके बाद किश्त देना बंद कर दिया. पड़ताल की गई तो उ1त लोगों के पते भी गलत निकले. संपर्क कर उनसे किश्त जमा करने के लिए कहा गया तो मना कर दिया और धमकाने लगे. इसके बाद सोमवार को हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया. हुसैनगंज इंस्पे1टर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.

पहले भी हो चुके लोन के नाम पर खेल

श्रीराम फाइनेंस कंपनी की तरह ही एक रियल स्टेट कंपनी के साथ भी इसी तरह से कर्मचारियों ने खेल किया था. फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर लोन लिया और लाखों रुपये डकार गए. लोन की किश्त जमा न होने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. इस मामले में कंपनी के डायरे1टर की तरफ से हजरतगंज थाने में कई कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

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