- आय से अधिक संपत्ति के मामले में 13 वर्ष बाद सुनाई सजा

- श्वेताभ की मां, जीजा और एक करीबी को भी सजा

- चार शहरों में अकूत संपत्ति का मामिल है दोषी कमिश्नर

देहरादून: इनकम टैक्स कमिश्नर श्वेताभ सुमन को आय से ज्यादा संपत्ति के 13 वर्ष पुराने मामले में सीबीआई विशेष जज सुजाता सिंह की कोर्ट ने बुधवार को 7 वर्ष कैद और साढ़े 3 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. श्वेताभ की लगभग साढ़े 3 करोड़ रुपये मूल्य की देहरादून, बिहार, झारखंड और गाजियाबाद में बनाई गई बेनामी संपत्तियों को भी भारत सरकार से अटैच कर दिया है.

4 शहरों में अकूत संपत्ति

सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सतीश कुमार ने कोर्ट को बताया कि देहरादून में वर्ष 2001 से 2005 के बीच इनकम टैक्स के ज्वाइंट कमिश्नर के पद पर रहे श्वेताभ सुमन पर स्पेशल क्राइम ब्रांच, दिल्ली ने दो अगस्त 2015 को आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था. एक गोपनीय शिकायत के तहत केस फाइल किया गया था, जिसके दो दिन बाद ही सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने श्वेताभ सुमन के देश भर में 14 ठिकानों पर एक साथ रेड की, जिसमें अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ. ये संपत्ति देहरादून, बोधगया (बिहार), जमशेदपुर और गाजियाबाद में पाई गई. सीबीआई की पड़ताल में श्वेताभ की काली कमाई एक-एक कर सामने आती गई. पता चला कि ये संपत्ति श्वेताभ ने अपने करीबियों के साथ-साथ मां गुलाब देवी, जीजा अरुण कुमार सिंह के नाम से रजिस्टर्ड कराई थी.

आय से 337 परसेंट ज्यादा संपत्ति

विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट को बताया कि गाजियाबाद के सेक्टर 62 के पंचवटी अपार्टमेंट में आलीशान फ्लैट साढ़े 10 लाख रुपये में खरीदा गया, जिसका भुगतान श्वेताभ ने हवाला के जरिये किया था. लंबी चली विवेचना में दस्तावेजों से यह साबित हुआ कि श्वेताभ अपनी आय से 337 परसेंट ज्यादा संपत्ति अर्जित की है. सीबीआई ने केस में 347 गवाह बनाए थे, जिसमें से 255 के कोर्ट में बयान हुए. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कुल 8 गवाह पेश किए गए. कोर्ट की ओर से दोषी करार दिए जाने के बाद श्वेताभ ने बीमारी और नौकरी का ख्याल करते हुए सजा सुनाने की अपील की. लंच के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई.

श्वेताभ के साथ मां और जीजा को भी सजा

- श्वेताभ को 7 वर्ष कठोर कारावास और 3 करोड़ 50 लाख 70 हजार 414 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई. अर्थदंड अदा न करने पर 18 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

- श्वेताभ की मां गुलाब देवी को 1 वर्ष की सजा सुनाई है.

- श्वेताभ के जीजा अरुण कुमार सिंह व करीबी राजेंद्र विक्रम सिंह को 4 वर्ष की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

मुश्किलें अभी कम नहीं

श्वेताभ की मुश्किलें यहीं खत्म होने वाली नहीं हैं, अभी उसके खिलाफ रिश्वतखोरी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आयकर की विभागीय फाइल चोरी करने के मामले में 4 और केस भी अन्य कोर्ट में चल रहे हैं.