-क्राइम ब्रांच की जांच में हुआ खुलासा, पुलिस टीमें हुई एक्टिव

-कोतवाली, जैतपुरा, भेलूपुर और दशाश्वमेध थाने में पार्षदों ने दर्ज कराए मुकदमे

VARANASI

शहर के पांच भाजपा पार्षदों को धमकी के मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया. क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ कि कॉल आजमगढ़ नहीं बल्कि गाजीपुर जेल से आई थी. गाजीपुर जेल से धमकी देने में चोलापुर के चंदापुर में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के आरोपी रविंद्र पटेल उर्फ राजू का नाम सामने आया है. हालांकि आजमगढ़ जेल में बंद बदमाश को भी जांच के दायरे से बाहर नहीं किया गया है. पुलिस टीमें सक्रिय हो गई हैं. आजमगढ़ जेल को एसएसपी ने पत्र लिखा है. जल्द ही बनारस से एक पुलिस टीम आजमगढ़ और गाजीपुर रवाना होगी.

डीजीपी ने मांग रिपोर्ट

दशाश्वमेध में मुकदमे का मामला सामने आने के बाद सोमवार को भेलूपुर के पार्षद राजेश यादव, जैतपुरा के पार्षद पति विवेक जायसवाल और कतुआपुरा के पार्षद सुरेश चौरसिया ने अपने-अपने क्षेत्र के थानों में मुकदमा दर्ज कराया. पूरे मामले पर डीजीपी ने वाराणसी पुलिस ने रिपोर्ट मांगी है. एडीजी जोन और आईजी रेंज ने मामले की जांच तेज कर कार्रवाई का आदेश दिया है. सोमवार की जांच के बाद यह साफ हुआ कि गाजीपुर जेल से पार्षदों को धमकी दी गई. छानबीन में यह भी पुष्ट हो गया कि धमकी रविंद्र पटेल उर्फ राजू ने ही दी है.

बता दें कि चोलापुर में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या में गिरफ्तार राजू को 2015 में जिला जेल में बवाल के बाद गाजीपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था. पुलिस के मुताबिक वह और एजाज अच्छे दोस्त हैं और दोनों एक-दूसरे के नाम पर पहले भी लोगों को कॉल कर धमकियां देते रहे हैं.

पार्षदों को फोन गाजीपुर से ही आया है. फोन जेल के अंदर से किया गया या बाहर से, इसकी जांच जारी है. मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

आरके भारद्वाज, एसएसपी वाराणसी