-लंका थाने से चंद कदम की दूरी पर मनबढ़ों के हमले में हुए थे घायल, एम्स में चल रहा था इलाज

-घटना में शामिल 10 में से 8 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, जल निगम ने जारी किया शोक संदेश

बनारस में 6 जून की रात मनबढ़ युवकों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए जल निगम के जेई सुशील कुमार गुप्ता आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए. एम्स में पांच दिन उपचार के बाद मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया. जल निगम ने जेई की मौत पर शोक संदेश जारी किया है. घटना की सूचना पर वाराणसी पुलिस की एक टीम देर शाम उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गई है.

छह जून को हुई थी घटना

लंका थाने के करीब रविंद्रपुरी मार्ग पर छह जून की रात जेई सुशील कुमार गुप्ता और दो ठेकेदार पेयजल पाइपलाइन की गैपिंग दुरुस्त करा रहे थे. रात दो बजे बाइक सवार मनबढ़ युवकों ने पहले मजदूरों और फिर जेई व ठेकेदार से गाली गलौज की. कुछ देर बाद 10 लड़के मौके पर पहुंचे और हॉकी-रॉड और डंडों से जेई और ठेकेदारों की अधमरा होने तक पिटाई की. गंभीर रूप से घायल जेई को अगले दिन ट्रामा सेंटर से दिल्ली एम्स रेफर किया गया था. एम्स में पांच दिन तक चले इलाज के बाद मंगलवार की दोपहर 1.20 बजे जेई सुशील कुमार गुप्ता ने अंतिम सांस ली.

आज आयेगी बॉडी

घटना के बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की. सीसीटीवी फुटेज से सभी हमलावरों की पहचान हुई और 8 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया. दो आरोपी अब तक फरार हैं. इनकी तलाश में आरा और बक्सर जिलों में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं. एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि जेई का देहांत दुखद है. उन्होंने बताया कि बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस सभी के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका की कार्रवाई की तैयारी कर रही है. दूसरी तरफ, जल निगम के महाप्रबंधक आरपी पांडेय की तरफ से घटना की सूचना दी गई. बुधवार को जल निगम कार्यालय में सुशील कुमार गुप्ता की याद में शोकसभा का आयोजन किया गया है. भदोही के औराई के मूल निवासी सुशील कुमार गुप्ता के परिवार में पत्‍‌नी के अलावा तीन बच्चे हैं. परिवार के सभी सदस्य भदोही में ही रह रहे हैं. जेई का शव बुधवार तक भदोही पहुंचेगा.