चाय की दुकान पर गोली मारकर हत्या, एसडीओ जार्जटाउन की गाड़ी चलाता था

दो अन्य को गोली लगी, बाइक से थे बदमाश, अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट

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PRAYAGRAJ: झूंसी का पटेल नगर एरिया मंगलवार की सुबह गोली की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. अचानक हमले से सन्नाटे में आये लोगों का ध्यान उस तरफ गया तो एसडीओ जार्जटाउन तारकेश्वर पांडेय के ड्राइवर की मौत हो चुकी थी. दो अन्य जख्मी थे. पुलिस के एलर्ट होने तक बदमाश रफूचक्कर हो चुके थे. मृतक के घर तक सूचना पहुंची तो मातम पसर गया. परिवार के लोगों का कहना है कि मृतक की किसी से दुश्मनी नहीं थी. उन्होंने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करायी है. पुलिस को शक है कि इस हत्या का तार यहां दो पक्षों के बीच लम्बे समय से चल रही अनबन से जुड़े हो सकते हैं.

भाइयों में तीसरे नंबर पर था बच्चा

मृतक का नाम बच्चा यादव उर्फ राजदेव बताया गया है. घायलों में एक का नाम धीरज यादव है. बच्चा से उसकी पहचान है. वह अखबार वेंडर है. मृतक बच्चा झूंसी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर हेता पट्टी का रहने वाला था. भाईयों में तीसरे नम्बर का बेटा था. फैमिली में पत्‍‌नी रन्नो देवी व दो बेटे राजू, राहुल एवं बेटी बीरू है. राजदेव कुछ साल पहले तक अपने बहनोई नरसिंह यादव के साथ पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की फ्लीट में चलने वाली गाड़ी चलाता था. 2015 में लखनऊ से छोड़ने के बाद वह अपने घर लौट आया. बताया जाता है कि वर्तमान में वह एसडीओ जार्जटाउन तारकेश्वर पांडेय की प्राइवेट गाड़ी चलाता था.

किसी से नहीं थी दुश्मनी

बताया जाता है कि घटना के वक्त बच्चा और धीरज के साथ कुछ अन्य पटेल नगर में चाय की दुकान पर मौजूद थे. इसी दौरान बाइक से पहुंचे दो बदमाशों ने अंधाधुंध फायर झोंक दिया. गाड़ी चलाने वाले ने हेलमेट पहन रखा था. बाइक पर पीछे बैठे बदमाश के हाथ में पिस्टल थी. गोली राजदेव के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में लगते ही वह खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़ा. दोनों को एसआरएन ले आया गया जहां डाक्टरों ने राजदेव को मृत घोषित कर दिया. बच्चा यादव उर्फ राजदेव की हत्या की सूचना जैसे ही उसके परिवार और रिश्तेदारों को हुई वे रोते बिलखते मौके पर पहुंचे. रिश्तेदार पप्पू यादव ने बताया कि राजेदव की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. उसका किसी से किसी बात को लेकर विवाद भी नहीं था. उसे किसने और क्यों गोली मारी, यह किसी को नहीं पता.

परिजन हत्या का कारण बता नहीं पा रहे हैं. बदमाशों का सुराग लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है. उम्मीद है कि जल्द ही कोई न कोई क्लू हमारे हाथ होगा. इसके सहारे घटना का खुलासा करके बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस टीमें अपना काम शुरू कर चुकी हैं.

-नरेन्द्र प्रताप सिंह,

एसपी गंगापार

टारगेट कोई और निशाना कोई और बन गया!

सूत्रों का कहना है कि घटना के वक्त शॉप पर जगदीश उर्फ पप्पू भी मौजूद था. वह इस क्षेत्र में दो परिवारों यागेन्द्र उर्फ बच्चा और चन्द्रभान उर्फ बाबा के बीच चल रही रंजिश में एक पक्ष की तरफ से गवाही दे चुका है. बता दें कि योगेन्द्र की 2005 में हत्या हो चुकी है. उनके भाई शैलेन्द्र की पैरवी से चन्द्रभान उर्फ बाबा और उसके बेटे समेत अन्य को कोर्ट ने सजा सुनायी. जगदीश ने शैलेन्द्र के पक्ष से गवाही दी थी. पुलिस इस पहलू को भी खंगाल रही है कि कहीं हत्यारों का टारगेट कोई और तो नहीं था और राजदेव धोखे में मारा गया हो.