-लखनऊ से गोरखपुर तक ट्रेवेल कर रहा था बदमाशों का गैंग

-यात्री बनकर सफर करने में क्राइम ब्रांच को मिली सफलता

द्दह्रक्त्रन्य॥क्कक्त्र:

शहर के अंदर बस और ट्रेनों से यात्रा करने वाले पैंसेजर्स के लगेज बैग काटकर ज्वेलरी और नकदी उड़ाने वाले गैंग को जेल भेजकर भी पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि यात्रियों के बैग को देखकर बदमाश यह अंदाजा लगा लेते थे कि उसमें कितने रुपए की ज्वेलरी होगी। सीओ क्राइम ब्रांच ने बताया कि सैकड़ों यात्रियों के बीच सिर्फ एक-दो को टारगेट कर गैंग फरार हो जाता था। इसलिए इन पर शिकंजा कसने में नाकामी मिल रही थी।

यात्री बनकर रखी नजर, पकड़ लिया गैंग

लगन सीजन में रेलवे बस स्टेशन से यात्रा करने वाली फैमिली बदमाशों के निशाने पर थी। बस में सवार होने के कुछ देर बाद गैंग के बदमाश लोगों के बैग के भीतर से ज्वेलरी और नकदी लेकर फरार हो जाते थे। आधा दर्जन से अधिक घटनाओं के सामने आने के बाद एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को जिम्मेदारी सौंपी। यात्री बनकर क्राइम ब्रांच की टीम ने जब नजर रखी तो गैंग तक पहुंचने में कामयाबी मिली। अलीगढ़ से आकर होटल में ठहरने वाले पांच बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनकी पहचान अलीगढ़ के अकराबाद, दिनावली निवासी कमल सिंह, नगलासरताज निवासी बुद्धसेन, मंडनपुर निवासी सोहदान, फिरोजाबाद के मालवीयनगर निवासी राहुल कुमार और श्यामबाबू के रूप में हुई। तब पूछताछ में पता लगा कि चलती गाडि़यों में वारदात में आसानी होती है। घर पहुंचने पर यात्रियों को घटना की जानकारी मिलती है। इसलिए शिकायत होने तक भागने का पूरा मौका मिल जाता था।

सैकड़ों यात्रियों में सिर्फ एक-दो को करते टारगेट

चलती बसों और ट्रेनों में यात्रियों के बैग से कीमती गहने उड़ाने वाले गैंग के सदस्य सैकड़ों यात्रियों के बीच में सिर्फ एक-दो यात्रियों को टारगेट करते थे। उनकी नजर इतनी तेज होती है कि वह भरी भीड़ में यह जान जाते हैं कि किसके बैग में कितना सामान होगा।

इस तरह लगाते अनुमान

- बैग की क्वालिटी क्या है। उसका ब्रांड क्या है।

- बैग कितना पुराना है। उसे कब से यूज किया जा रहा होगा।

- बैग कैरी करने वाला परिवार किस तरह के कपड़े पहने हुए हैं।

- फैमिली की बातचीत का तरीका, उनके पहनावे और बदन पर नजर आने वाली ज्वेलरी

- महिलाओं के साथ बैग में गहना होने की पूरी संभावना

- शादी के कार्यक्रम में जाने वाले लोग अक्सर पूरी तैयारी के साथ निकलते हैं।

- यात्रियों के बातचीत के तौर-तरीके भी बगल में मौजूद रहकर अनुमान लगाते हैं।

- यात्री जिस बैग पर ज्यादा ध्यान देता है। उसमें कीमती ज्वेलरी और नकदी होने का संभावना होती है।

- यात्रा के दौरान महिलाएं अपने बैग, पर्स इत्यादि को ज्यादा टटोलती है। इसलिए पहले से अंदाजा लग जाता है।

यात्रा में क्या बरतें सावधानी

- सफर के दौरान नकदी और ज्वेलरी लेकर यात्रा न करें।

- बैग या अन्य किसी लगेज में कोई कीमती सामान ना रखें।

- शादी-विवाह में जाने के दौरान नकदी और गहने एक साथ, एक जगह न रखें।

- किसी संदिग्ध के आसपास फटकने पर अलर्ट रहें। बैग को अपने सामने डिक्की में रखवाएं।

- अपने पास बैग रखने पर उसे लावारिस हाल न छोड़ें। कोशिश करें कि कोई बातों में गुमराह न करें।

वर्जन

हाल में पकड़े गए गैंग से जुड़े अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया है कि इस गैंग के बदमाश यात्रियों के बैग, पहनावे, उनके बातचीत के तौर तरीकों से पता लगाते हैं कि कितने रुपए की ज्वेलरी मिल जाएगी।

प्रवीण कुमार सिंह, सीओ क्राइम ब्रांच