-एक साल से क्राइम ब्रांच में चल रही मामले की विवेचना

-सहजनवां के चड़राव की घटना, कमरे में मिली थी डेड बॉडी

GORAKHPUR: सहजनवां एरिया के चड़राव में एक साल पूर्व हुए युवक के मर्डर में पुलिस की जांच बेनतीजा रही है। 2018 में होली की रात हुई वारदात की जांच के लिए इस साल होली के बाद घटनास्थल की तलाश में जुटी है। घर में हुए मर्डर की पड़ताल गीडा के आसपास खेतों में विवेचक कर रहे हैं। छह विवेचक फाइल खंगाल चुके हैं, लेकिन कत्ल की कोई वजह सामने नहीं आ सकी है। शनिवार को मामले की जांच में पहुंचे इंस्पेक्टर गीडा क्षेत्र में क्लू तलाशते रहे। पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द मामले की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।

एक साल पूर्व होली की रात हुअा था मर्डर

चड़राव निवासी बाल गोविंद का छोटा बेटा मंजीत सिंह दिल्ली में रहकर कमाता था। 2018 के फरवरी में उसका एक्सीडेंट हो गया, जिसमें उसका हाथ टूट गया। इलाज में प्रॉब्लम आने पर वह घर आ गया। चार मार्च की सुबह उसकी डेडबॉडी हाथ टूटने घर के कमरे में बेड के नीचे मिली। मंजीत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी। लोगों ने पुलिस को बताया कि रात में मंजीत अपनी माशूका से मिलने उसके घर में घुस गया था। उसकी जेब में परफ्यूम और लव लेटर और कंडोम का पैकेट मिला था। लोगों ने पुलिस को बताया कि कुछ लोगों ने मंजीत को खदेड़ा था। मंजीत के गांव में नौ जुलाई 2016 को अजय कुमार शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। मर्डर के आरोप में मंजीत के पिता बाल गोविंद को पुलिस ने जेल भेज दिया था। घर रहने वाला मंजीत का भाई कहीं रिश्तेदारी में गया हुआ था।

चड़राव की घटना, गीडा में क्लू खोज रहे विवेचक

घटना की पड़ताल में पुलिस ने कई लोगों को उठाकर पूछताछ की। लेकिन कोई रिजल्ट सामने नहीं आ सका। मंजीत की प्रेमिका और उसके परिजनों ने भी पुलिस को कोई क्लू नहीं दिया। मंजीत का मोबाइल फोन भी पुलिस बरामद नहीं कर सकी। बाद में मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। घटना की जांच पड़ताल छह दरोगाओं ने की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। क्राइम ब्रांच के दरोगा शनिवार को दोबारा जांच करने पहुंचे। विवेचक ने गीडा के पास घटनास्थल की पड़ताल की। कन्फयूजन होने पर वह पिपरौली पुलिस चौकी पर पहुंचे। वहां घटनास्थल की जानकारी लेनी चाहिए। तब पता लगा कि जहां पर जांच चल रही है। वहां से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर घटना हुई थी।