-ऐढ़े में पुलिस के रखवाये वाहन को ले जाने से रोकने पर दबंगों ने किया हमला

-ग्रामीणों ने शव रख किया धरना-प्रदर्शन

कैंट थाना एरिया के ऐढ़े में पुलिस के काम में सहयोग करने की कीमत सिक्योरिटी गार्ड को जान देकर चुकानी पड़ी। आक्रोशित ग्रामीणों ने देर शाम शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। पुलिस द्वारा घर के बाहर रखवाये गए ऑटो को दबंग किस्म के युवक ले जा रहे थे। रोकने पर सिक्योरिटी गार्ड पर लाठी-डण्डे से हमला कर दिया। मंगलवार को चौकीदार ने बीएचयू ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मां की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर कैंट पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है।

तीन बाइक से आये हमलावर

16 जून की रात को ऐढ़े में ऑटो खड़ी करके कुछ लोग शराब पी रहे थे। सरकारी बिल्डिंगों की देखरेख के लिए रखे गए प्राइवेंट कंपनी के गार्ड ऐढ़े निवासी राजकुमार गौतम ने विरोध करते हुए इसकी सूचना यूपी डायल 100 को दी। शिकायत पर जब यूपी 100 की पीआरवी पहुंची तो शराब पीने वाले भाग गए। पीआरवी के जवानों ने ऑटो को राजकुमार गौतम के आवास के सामने खड़ी करवा दी और किसी के आने पर बताने को कहा। 17 जून की दोपहर तीन बाइक पर नौ युवक सवार होकर आए। ऑटो ले जाने लगे तो राजकुमार ने उन्हें रोका। साथ ही पीआरवी कर्मियों से बात करने को कहा, इस पर उन लोगों ने राजकुमार की पिटाई शुरू कर दी। बांस से सिर पर वार कर दिया और भाग गए। घायलावस्था में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में एडमिट कराया गया था। यहां इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह राजकुमार गौतम की मौत हो गई।

एसडीएम ने शांत कराया प्रदर्शन

खेती व मजदूरी करने वाले दयाशंकर सिंह के दो लड़कों में राजकुमार बड़ा था। उससे छोटा प्रदीप चौहान है जो सिलाई का काम करता है। राजकुमार की पत्‍‌नी रिंकु और इकलौता बेटा करण चौहान (10) का रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद राजकुमार का शव जब ऐढ़े पहुंचा तो परिजनों व ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। रिंग रोड जान करने की कोशिश की लेकिन तब तक एसडीएम सदर, इंस्पेक्टर कैंट ने पहुंचकर सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया और समझाकर शांत कराया।